कार में जीपीएस लगा कर लूट लिए थे 5 करोड़, कन्याकुमारी से मास्टर माइंड गिरफ्तार

  • डेढ़ महीने पहले से ही रची जा रही थी साजिश
  • घटना के बाद झारखंड छोड़ कर दूसरे राज्यों में पहुंचा
  • कार में अंडरग्राउंड सेफ जोन से 5 करोड़ की हुई थी लूट
  • छह आरोपियों के पास से 3.24 करोड़ की पहले ही बरामद

गिरिडीह/ झारखंड। झारखंड में गिरिडीह जिले में बाटी मोड़ के निकट 21 जून की रात अपराधियों डीवाई कंपनी के पांच करोड़ रुपये लूट लिए थे। इस लूटकांड मामले में मास्टर माइंड खिरोधर साव उर्फ गुलाब साह और मुन्ना रविदास को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार मास्टर माइंड के पास से पुलिस ने 76 लाख कैश भी बरामद किया। एसपी दीपक कुमार शर्मा ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दोनों आरोपियों को पुलिस ने कन्याकुमारी से गिरफ्तार किया है। गुलाब की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की टीम लगातार कई राज्यों में छापामारी कर रही थी। जिसके बाद पुलिस की विशेष टीम को यह सफलता हासिल हुई है।
घटना के बाद झारखंड छोड़ कर दूसरे राज्यों में पहुंचा
गुजरात की डीवाई कंपनी की इतनी मोटी रकम लूटने की योजना बरही का गुलाब साह ने बनाया था। लूटकांड को अंजाम देने के लिए गिरोह के कई अन्य सदस्य शामिल थे। बताया गया है कि घटना को अंजाम देने के बाद गुलाब साह हजारीबाग जिले के बरही में स्थित अपने निवास पर भी पहुंचा था, लेकिन चार दिनों के बाद पुलिस की सक्रियता देखकर वह स्कार्पियो समेत फरार हो गया। बताया जाता है कि उसने झारखंड छोड़ बिहार के किसी इलाके में शरण लिया था।
कार में अंडरग्राउंड सेफ जोन से 5 करोड़ की हुई थी लूट
21 जून की रात अपराधियों ने जमुआ थाना इलाके के बाटी मोड़ के पास उस वक्त डीवाई कंपनी के पांच करोड़ रुपये को कैश लूट लिया, जब कंपनी के कर्मी कैश को क्रेटा कार में पटना से कोलकाता ले जा रहे थे। क्रेटा कार के अंडरग्राउंड सेफ में कंपनी के पांच सौ रुपये की गड्डियां भरी हुई थी। इस मामले को लेकर क्रेटा कार के चालक मयुर सिंह जडेजा ने जमुआ थाना में आवेदन देकर जमुआ थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी। मयूर ने पुलिस को दिए गए बयान में कहा था कि 20 जून की रात को वो अपने सहयोगी जगत सिंह जडेजा के साथ रात करीब 9 बजे पटना से कोलकाता के लिए रखा। इस दौरान उन्होंने डीवाई कंपनी के मैनेजर भरत सिंह सोलंकी के निर्देश पर क्रेटा वाहन में बना एक गुप्त सेफ में पांच करोड़ रूपये कैश भरकर जा रहे थे, तभी रास्ते में गिरिडीह जिला के जमुआ थाना क्षेत्र में बाटी के पास रोड पर स्कार्पियो तथा एक्सयूवी वाहन से आये अपराधकर्मियों ने क्रेटा वाहन को ओवर टेक कर रोक लिया। अपराधियों ने चालक और सहयोगी को कब्जे में लेकर क्रेटा वाहन के सेफ में रखे पांच करोड़ कैश लूट लिया।
छह आरोपियों के पास से 3.24 करोड़ की पहले ही बरामद
गिरिडीह पुलिस इस मामले में सात में से छह आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से पहले से ही गिरफ्तार कर चुकी है। साथ ही घटना में प्रयुक्त आठ मोबाइल, एक्सयूभी वाहन और क्रेटा कार में लगाये गये एक जीपीएस को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया था। गिरफ्तार आरोपियों में राजेश सिंह, मो. करीम अंसारी, विनोद विश्वकर्मा अरौर शहजाद आलम शामिल है। जबकि रंजीत कुमार हजारीबाग जिले के बरही थाना क्षेत्र के धमना और अजीत कुमार सिंह चतरा जिला के इटखोरी थाना क्षेत्र के कोनी गांव का रहने वाला है। ये सभी आरोपी खुद को कभी रिकवरी एजेंट बताते थे तो कभी अपने आपको अधिकारी। अपराध से इनलोगों का पुराना संबंध रहा है।
डेढ़ महीने पहले से ही रची जा रही थी साजिश
इस लूटकांड को अंजाम देने के लिए करीब डेढ़ माह पूर्व ही साजिश रची गयी थी। गिरोह के सदस्यों ने बरही में ही क्रेटा कार में चिप प्लांट किया था। उस वक्त गिरोह के लोगों ने डीवाई कंपनी के कर्मियों से सेल टैक्स का अधिकारी बनकर सात लाख रुपये की वसूली की थी। उसी समय से गिरोह के लोगों को पता था कि डीवाई कंपनी की मोटी रकम इसी क्रेटा कार से ढोयी जाती है। इसलिए क्रेटा कार पर जीपीएस के माध्यम से निगरानी रखी जा रही थी। डीवाई कंपनी की पांच करोड़ की राशि लोड होने और पटना से कोलकाता जाने की सूचना गिरोह को पटना से ही मिली थी। जबकि लूटकांड की इस घटना को अंजाम देने के लिए डीवाई कंपनी के पटना स्थित कार्यालय में गिरोह का ही एक व्यक्ति लंबे समय से रेकी कर रहा था। क्रेटा कार में मोटी रकम लोड होने की सूचना उसी व्यक्ति ने गिरोह को उपलब्ध कराई। उसके बाद गिरोह के लोग जीपीएस के माध्यम से कार को ट्रैक करने लगे। फिर गिरिडीह जिले के जमुआ के बाटी गांव के पास रोक कर उससे पांच करोड़ रुपये लूट लिये थे।

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