चित्रकूट में 40 लाख की फिरौती न मिलने पर मासूम की हत्या, मुख्य आरोपी कल्लू खान मुठभेड़ में ढेर

चित्रकूट/उत्तर प्रदेश। बुंदेलखंड के चित्रकूट जनपद के बरगढ़ कस्बे में 13 वर्षीय मासूम की अपहरण के बाद हत्या से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। व्यापारी के बेटे की हत्या से आक्रोशित सैकड़ों व्यापारियों ने झांसी–मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर घंटों जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद भागने के प्रयास के दौरान हुई पुलिस मुठभेड़ में मुख्य आरोपी कल्लू खान की मौत हो गई, जबकि दूसरा आरोपी इरफान गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे प्रयागराज मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
जानकारी के अनुसार, बरगढ़ कस्बे के व्यापारी अशोक केशरवानी के 13 वर्षीय पुत्र आयुष का गुरुवार शाम अपहरण कर लिया गया था। आरोपी ने बच्चे को बाइक सिखाने के बहाने घर से बुलाया। आयुष आरोपी को जानता था, इसलिए वह बिना संदेह उसके साथ चला गया। इसके बाद आरोपियों ने परिजनों से 40 लाख रुपये की फिरौती की मांग की। फिरौती न मिलने पर मासूम की निर्मम हत्या कर दी गई।
रात करीब 9 बजे पुलिस को अपहरण की सूचना मिली। लगातार सर्च ऑपरेशन के बाद शुक्रवार भोर में पास के इलाके से एक ताले बंद बक्से में आयुष का शव बरामद किया गया। इस हृदयविदारक घटना से पूरे कस्बे में शोक और आक्रोश फैल गया।
पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज में सामने आया कि आरोपी इरफान 10 दिसंबर तक व्यापारी के घर में किराए पर रह चुका था। किसी बात को लेकर अनबन के बाद उसने कमरा खाली किया और बदले की भावना से अपने साथी के साथ मिलकर इस जघन्य वारदात की साजिश रची।
परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। फिरौती में इस्तेमाल मोबाइल फोन को पास के जंगल से बरामद किया गया। इसी दौरान आरोपियों ने भागने की कोशिश की, जिस पर हुई मुठभेड़ में दोनों को गोली लगी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मऊ ले जाने पर डॉक्टरों ने कल्लू खान को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायल इरफान को प्रयागराज रेफर किया गया।
घटना के बाद पूर्व प्रधान प्रकाश केशरवानी के नेतृत्व में बरगढ़ के सैकड़ों व्यापारी सड़कों पर उतर आए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। हालात को देखते हुए एसपी अरुण कुमार सिंह ने जिले भर की पुलिस फोर्स तैनात कर दी।
मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने मृतक के परिजनों को शासन स्तर से आर्थिक सहायता, शस्त्र लाइसेंस और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद करीब तीन घंटे बाद राष्ट्रीय राजमार्ग से जाम हटाया गया।





