लड्डू-पेड़ा नहीं, इस मंदिर में श्रद्धालु चढ़ाते हैं बीड़ी

कैमूर,(बिहार)। अबतक आपने कई मंदिरों में प्रसाद के रूप में लड्डू पेड़ा चढ़ते देखा होगा। आपने देखा होगा कि मंदिर में श्रद्धालु आते हैं और प्रसाद के रूप में कुछ मीठा चढ़ाते हैं। लेकिन हम आज आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने वाले हैं, जहां प्रसाद के रूप में कोई भी लड्डू-पेड़ा या कोई अन्य मिठाई नहीं चढ़ाता है। बल्कि इस मंदिर में लोग आकर बीड़ी जलाकर उसका भोग लगाते हैं। यह मंदिर बिहार में है।बिहार में कैमूर जिले के भगवानपुर प्रखंड में मुसहरवा बाबा मंदिर है। इस मंदिर में लोग बीड़ी चढ़ाते हैं। सुनने में अजीब जरूर लग सकता है लेकिन यह बिल्कुल सच है। इस मंदिर में आने वाला आम हो या खास, सभी मंदिर में बीड़ी जलाते कर चढ़ाते हैं।
लोगों की मान्यता है पहाड़ी घाटी चढ़ने से पहले और चढ़ने के बाद मुसहरवा बाबा को बीड़ी चढ़ाना जरूरी है। इससे उनके रास्ता में आने वाले हर प्रकार के विघ्न बाधा दूर हो जाती है। लोग सुरक्षित यात्रा करते हैं। जिनके पास बीड़ी चढ़ाने के लिए नहीं होती है, वह मुसहरवा बाबा के दान पेटी में बीड़ी चढ़ाने के लिए पैसा डालते हैं। फिर आगे बढ़ते हैं। जिला ही नहीं बल्कि यूपी, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश से आने वाले लोग भी अपनी कुशल मंगल यात्रा को लेकर मुसहरवा बाबा को बीड़ी चढ़ाते हैं, फिर अपने मंजिल तक जाते हैं। दरअसल जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर 1400 फीट ऊंची पहाड़ी पर भभुआ अधौरा मुख्य मार्ग पर स्थित मुसहरवा बाबा का एक मंदिर है।




