मंझनपुर नगर पालिका अध्यक्ष वीरेंद्र सरोज ने सपा विधायक इंद्रजीत सरोज समेत चार लोगों पर लगाया रास्ता रोककर धमकाने का आरोप
मंझनपुर नगर पालिका अध्यक्ष वीरेंद्र सरोज ने सपा विधायक इंद्रजीत सरोज समेत चार लोगों पर रास्ता रोककर अभद्रता और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। उन्होंने करारी थाने में तहरीर देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। आरोपों की पुष्टि होना बाकी है।

सचिन पांडेय/जिला ब्यूरो चीफ
कौशांबी,उत्तर प्रदेश। मंझनपुर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष वीरेंद्र सरोज उर्फ फौजी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं सदर विधायक इंद्रजीत सरोज समेत चार लोगों पर रास्ता रोककर अभद्रता, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। मामले में उन्होंने शनिवार शाम करीब सात बजे करारी थाने पहुंचकर प्रभारी निरीक्षक को लिखित शिकायत सौंपी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
नगर पालिका अध्यक्ष की ओर से दी गई तहरीर के मुताबिक, 7 नवंबर को शाम करीब 4:30 बजे वह नगर पालिका कार्यालय मंझनपुर से अपने वाहन से प्रयागराज जा रहे थे। इसी दौरान म्योहर गांव में प्रदीप चौधरी के घर के पास कथित तौर पर सदर विधायक इंद्रजीत सरोज, ओसा निवासी वेदपाल, शादाब और शिवपूजन यादव अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचे और उनका रास्ता रोक लिया।
वीरेंद्र सरोज का आरोप है कि इसके बाद उनके साथ अभद्रता और गाली-गलौज की गई। उन्होंने जानलेवा हमला करने का प्रयास करने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि मौके पर भाजपा मुर्दाबाद के नारे लगाए गए और दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई।
घटना के बाद नगर पालिका अध्यक्ष ने करारी थाने में प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और नामजद लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच और संबंधित पक्षों का बयान सामने आने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




