चक्रवाती तूफान की आशंका को लेकर कौशाम्बी प्रशासन अलर्ट, 28 से 30 अक्टूबर तक विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश

बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे चक्रवाती मौसम तंत्र की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने 28 से 30 अक्टूबर तक विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। तहसील, पुलिस, विकास विभाग और नगरीय निकायों को आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा गया है।

कौशाम्बी,उत्तर प्रदेश। बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे चक्रवाती मौसम तंत्र के मद्देनजर कौशाम्बी जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। संभावित प्रतिकूल मौसम को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने 27 अक्टूबर 2026 को पत्रांक 816 के तहत एडवाइजरी जारी कर संबंधित विभागों को आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने 28, 29 और 30 अक्टूबर को विशेष सतर्कता बरतने तथा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जन-जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया है।
जारी निर्देशों के तहत सभी उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारों, क्षेत्राधिकारियों, जिला पंचायत राज अधिकारी, खंड विकास अधिकारियों और नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। तहसील प्रशासन को संबंधित विभागों को सतर्क रखने तथा आपदा मित्रों और लेखपालों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। जर्जर भवनों की पहचान कर उनमें रहने वाले लोगों को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करने को भी कहा गया है।
पुलिस विभाग को संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से लोगों को सावधान करने और आपात स्थिति में प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, जिला पंचायत राज अधिकारी को ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों के माध्यम से गांवों में मुनादी कराकर वज्रपात, तेज हवाओं और खराब मौसम से बचाव के उपायों का प्रचार-प्रसार कराने को कहा गया है।
खंड विकास अधिकारियों को किसानों को फसल और खुले में रखे अनाज की सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने जनहानि, पशुहानि या फसल क्षति जैसी किसी भी घटना की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को देने पर जोर दिया है, ताकि समय रहते आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
नगर पालिका और अन्य नगर निकायों को जर्जर भवनों, कमजोर होर्डिंग और अन्य जोखिमपूर्ण संरचनाओं की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही नालों की सफाई, जलनिकासी की समुचित व्यवस्था और लाउडस्पीकर के माध्यम से मौसम संबंधी चेतावनियों का प्रचार करने को कहा गया है। जिला और तहसील स्तर पर सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने तथा आधिकारिक मौसम पूर्वानुमान के आधार पर नागरिकों को सावधान करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। एडवाइजरी में दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर केंद्र और राज्य सरकार द्वारा घोषित आपदाओं से बचाव के उपायों की जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है।
प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देशों का गंभीरता से पालन करने और किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है। हालांकि, चक्रवाती मौसम तंत्र के कौशाम्बी में संभावित प्रभाव की वास्तविक स्थिति के लिए आधिकारिक मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखना आवश्यक होगा।

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