खखरेरू में लकड़ी से लदी गाड़ियों का खुलेआम आवागमन, वन विभाग एवं पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
खखरेरू थाना क्षेत्र में कथित अवैध लकड़ी कटान और परिवहन का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि रात के समय प्रतिदिन दो से तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लकड़ी लादकर निकलती हैं, लेकिन वन विभाग और पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।

संवाददाता/सत्येंद्र शुक्ला
फतेहपुर,उत्त्तर प्रदेश। जिले के खखरेरू थाना क्षेत्र में कथित रूप से अवैध लकड़ी कटान और उसके परिवहन का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में रात के समय लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खुलेआम सड़कों से गुजर रही हैं, लेकिन वन विभाग और पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई होती दिखाई नहीं दे रही है। इससे वन संपदा की सुरक्षा और संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, रात के अंधेरे में कथित तौर पर बिना अनुमति पेड़ों की कटाई की जाती है और इसके बाद लकड़ी को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में लादकर दूसरे स्थानों पर ले जाया जाता है। सामने आई तस्वीर में ट्रैक्टर-ट्रॉली पर बड़ी मात्रा में लकड़ी लदी दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का दावा है कि क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां लगातार हो रही हैं और रात के दौरान दो से तीन गाड़ियां लकड़ी लेकर निकलती हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित लकड़ी के परिवहन की वैधता की जांच होना अभी आवश्यक है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि लकड़ी का कटान और परिवहन बिना वैध अनुमति के किया जा रहा है, तो यह वन संपदा के संरक्षण के लिए गंभीर चिंता का विषय है। पेड़ों की अनियंत्रित कटाई से पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित होने के साथ-साथ क्षेत्र की हरियाली और प्राकृतिक संसाधनों को भी नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में लकड़ी के स्रोत, कटान की अनुमति और परिवहन से संबंधित दस्तावेजों की जांच जरूरी है।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग की गश्त, वाहनों की जांच और अवैध कटान पर निगरानी को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि यदि रात के समय नियमित रूप से लकड़ी से लदी गाड़ियां गुजर रही हैं, तो संबंधित विभागों को इसकी जानकारी लेकर प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि समय रहते जांच नहीं हुई तो अवैध कटान और परिवहन की गतिविधियों पर अंकुश लगाना मुश्किल हो सकता है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले का संज्ञान लेने, खखरेरू थाना क्षेत्र में लकड़ी के कथित अवैध कटान और परिवहन की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही वन विभाग से क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने, लकड़ी से लदे वाहनों के दस्तावेजों की जांच करने और वन संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित अधिकारी ग्रामीणों की शिकायतों और सामने आई तस्वीर के आधार पर मामले की जांच कराते हैं या नहीं। यदि अवैध कटान और परिवहन की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किया जाना आवश्यक होगा। फिलहाल, मामले में संबंधित विभागों का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।




