शिनजियांग में चीन की ‘चाकू-बंदूक’ के साथ लाइव फायर ड्रिल, एलएसी पर संभावित इस्तेमाल को लेकर बढ़ी नजर
चीनी सेना ने शिनजियांग में भारत की सीमा से सटे इलाके में चाकू वाली बंदूक के साथ लाइव फायर ड्रिल किया है। ड्रिल के दौरान चीनी सैनिकों ने चाकू वाली बंदूक से निशाना लगाने का अभ्यास किया। यह चाकू वाली बंदूक एक बार में चार राउंड गोलियां फायर कर सकती है। इसका इस्तेमाल भारत से सटी सीमा पर किया जा सकता है।

बीजिंग,एजेंसी। भारत-चीन सीमा से लगे शिनजियांग क्षेत्र में चीनी सेना ने चाकू जैसी दिखने वाली बंदूक से लाइव फायर ड्रिल की है। चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने इस अभ्यास का वीडियो जारी किया है, जिसमें चीनी सैनिक कथित तौर पर इस विशेष हथियार से फायरिंग करते नजर आ रहे हैं। शिनजियांग में हुए इस अभ्यास को भारत-चीन सीमा पर सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, हालांकि इस हथियार की वास्तविक तैनाती और इस्तेमाल को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
ग्लोबल टाइम्स ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर वीडियो साझा करते हुए बताया कि चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के शिनजियांग मिलिट्री कमांड के तहत ताचेंग सब-मिलिट्री कमांड ने ‘नाइफ-गन’ के साथ लाइव फायर ड्रिल की। रिपोर्ट के मुताबिक, यह हथियार देखने में चाकू जैसा है, लेकिन इससे गोली भी चलाई जा सकती है।
चीनी मीडिया के अनुसार, इस हथियार में .32 से 9 एमएम तक के कारतूस इस्तेमाल किए जा सकते हैं और इसमें एक साथ चार राउंड लोड किए जाने की क्षमता बताई गई है। हैंडल में दिए गए बटन के जरिए फायरिंग की जाती है। इसका आकार छोटा होने के कारण इसे नजदीकी लड़ाई में इस्तेमाल किए जाने वाले हथियार के रूप में बताया गया है। इसकी मारक क्षमता और प्रभावी दूरी हालांकि पारंपरिक आग्नेयास्त्रों की तुलना में सीमित बताई जाती है।
शिनजियांग में इस तरह के हथियार के साथ अभ्यास किए जाने के बाद यह चर्चा शुरू हुई है कि क्या भविष्य में इन्हें भारत से लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा के आसपास तैनात सैनिकों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। भारत और चीन के बीच सीमा पर सैन्य टकराव को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर समझौते और प्रोटोकॉल रहे हैं, जिनमें आग्नेयास्त्रों के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।
भारत और चीन के बीच वर्ष 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के दौरान दोनों पक्षों के सैनिकों के बीच बेहद करीब से संघर्ष हुआ था। उस घटना में पारंपरिक आग्नेयास्त्रों के बजाय डंडों, नुकीली वस्तुओं और अन्य गैर-पारंपरिक हथियारों के इस्तेमाल की बात सामने आई थी। ऐसे में चीन की ओर से चाकू जैसी संरचना वाले हथियार के साथ अभ्यास किए जाने से एलएसी पर इसके संभावित इस्तेमाल को लेकर सुरक्षा विशेषज्ञों की नजर बनी हुई है।
हालांकि, शिनजियांग में हुई ड्रिल को सीधे भारत-चीन सीमा पर संभावित तैनाती से जोड़ने की पुष्टि अभी नहीं हुई है। चीनी सेना की ओर से भी इस हथियार को एलएसी पर तैनात करने संबंधी कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। ऐसे में फिलहाल यह अभ्यास चीन की सैन्य प्रशिक्षण गतिविधियों का हिस्सा माना जा रहा है।




