वर्दी में दिखी इंसानियत, थाना प्रभारी ने गरीब छात्रा की सालभर की फीस भरी

रामनगर थाना प्रभारी सुमित कौशिक ने आर्थिक रूप से कमजोर कक्षा दसवीं की छात्रा की पूरे वर्ष की फीस जमा कर उसकी पढ़ाई जारी रखने में मदद की। उन्होंने सक्षम लोगों से भी जरूरतमंद विद्यार्थियों की शिक्षा में सहयोग करने की अपील की।

सुमिता शर्मा/जिला ब्यूरो चीफ

अनूपपुर,मध्य प्रदेश। पुलिस की वर्दी को आमतौर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध पर कार्रवाई से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन रामनगर थाना प्रभारी सुमित कौशिक की एक पहल ने पुलिस के मानवीय और सामाजिक सरोकार से जुड़े पक्ष को सामने रखा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की कक्षा दसवीं की एक छात्रा के सामने वार्षिक फीस जमा करने का संकट खड़ा हुआ तो थाना प्रभारी ने आगे बढ़कर उसकी पूरे वर्ष की फीस अपने स्तर पर जमा कर दी। इससे आर्थिक परेशानी के कारण पढ़ाई प्रभावित होने की स्थिति में पहुंची छात्रा को राहत मिली और उसकी शिक्षा जारी रखने का रास्ता साफ हुआ।
बताया गया कि छात्रा के परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह समय पर स्कूल की वार्षिक फीस जमा कर सके। फीस जमा नहीं होने की स्थिति में छात्रा की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका थी। इसकी जानकारी थाना प्रभारी सुमित कौशिक को मिली तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए छात्रा की सहायता करने का निर्णय लिया। उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के छात्रा की सालभर की फीस स्वयं जमा कर दी।
थाना प्रभारी की इस पहल से छात्रा और उसके परिवार को आर्थिक राहत मिली। साथ ही यह संदेश भी सामने आया कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण किसी बच्चे की शिक्षा बाधित नहीं होनी चाहिए। कक्षा दसवीं छात्रा के शैक्षिक जीवन का महत्वपूर्ण चरण है और ऐसे समय में फीस के अभाव में पढ़ाई रुकना उसके भविष्य पर असर डाल सकता है। समय पर मिली सहायता से छात्रा अब अपनी पढ़ाई जारी रख सकेगी।
सुमित कौशिक ने सक्षम और सामर्थ्यवान लोगों से भी अपील की कि समाज में ऐसे अनेक बच्चे हैं जो प्रतिभावान और पढ़ाई के प्रति इच्छुक होने के बावजूद आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। यदि आसपास कोई छात्र-छात्रा केवल आर्थिक परेशानी के कारण पढ़ाई छोड़ने की स्थिति में हो तो सक्षम लोगों को अपनी क्षमता के अनुसार उसकी मदद के लिए आगे आना चाहिए। उनके अनुसार, किसी जरूरतमंद विद्यार्थी की छोटी-सी मदद भी उसके भविष्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
थाना प्रभारी की इस पहल की क्षेत्र में सराहना की जा रही है। पुलिस की जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ समाज में सुरक्षा और विश्वास का वातावरण बनाना भी है। ऐसे सामाजिक कार्य पुलिस और आम लोगों के बीच भरोसे के रिश्ते को मजबूत करने में सहायक हो सकते हैं।
एक जरूरतमंद छात्रा की सालभर की फीस भरना आर्थिक दृष्टि से भले ही एक छोटी सहायता दिखाई दे, लेकिन उस परिवार के लिए यह उसकी बेटी की शिक्षा और भविष्य को जारी रखने का महत्वपूर्ण सहारा है। इस पहल ने यह संदेश दिया है कि यदि समाज के सक्षम लोग अपने आसपास के जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में सहयोग करें, तो आर्थिक मजबूरी के कारण कई बच्चों के सपनों और पढ़ाई की राह रुकने से बचाई जा सकती है।

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