सत्य निकेतन इमारत हादसा मामले में पांच एमसीडी अधिकारी निलंबित, बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल गिरफ्तार
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में गिरी बिल्डिंग मामले में दिल्ली सरकार ने बड़ा ऐक्शन लिया है। सरकार ने साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर समेत 5 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। दिल्ली में बिल्डिंग हादसे को लेकर एक्शन तेज है। आरोपी बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल को भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया गया है।

नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को पांच मंजिला इमारत गिरने के मामले में दिल्ली सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर दिल्ली नगर निगम ने दक्षिण क्षेत्र के उपायुक्त समेत पांच अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। हादसे में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान अभी जारी है।
निलंबित किए गए अधिकारियों में दक्षिण क्षेत्र के उपायुक्त राकेश कुमार, रणवीर सिंह, ललित कुमार गोयल, सुनील चौहान और कनिष्ठ अभियंता आशीष कुमार शामिल हैं। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश के बाद निगम ने यह कार्रवाई की है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि हादसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही या चूक सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उधर, हादसे में ढही इमारत के कथित मालिक हरिराम बंसल को दिल्ली पुलिस ने भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के बाद लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया था, ताकि वह देश से बाहर न जा सके। हरिराम को पकड़ने के लिए पुलिस ने दस अलग-अलग टीमें गठित की थीं। इनमें स्थानीय जिला पुलिस, विशेष स्टाफ और अन्य परिचालन इकाइयों के जवान शामिल थे। प्रत्येक टीम की अगुवाई अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त स्तर के अधिकारी कर रहे थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की तलाश में दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर छापेमारी की गई। लगातार तलाश के बाद पुलिस टीम ने उसे भिवाड़ी से पकड़ लिया। पुलिस के पास आरोपी के पासपोर्ट से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध थी।
पुलिस ने इमारत के मालिक हरिराम बंसल और अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 290 और 125-ए के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, इमारत का इस्तेमाल लड़कों के लिए पेइंग गेस्ट के रूप में किया जा रहा था। हादसे के समय इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक पांच मंजिला इमारत ढह गई। ‘हॉस्टल डेज’ नाम से संचालित इस भवन में बड़ी संख्या में छात्र रह रहे थे।
हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है। मलबे में अभी भी लोगों के दबे होने की आशंका के चलते बचाव दल लगातार तलाश अभियान चला रहे हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के आसपास के कॉलेजों में पढ़ने वाले कई छात्र इस पीजी में रहते थे, जिसके कारण मलबे में छात्रों के फंसे होने की आशंका भी जताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के दौरान आसपास की एक अन्य इमारत भी ढह गई। इसके बाद क्षेत्र की अन्य इमारतों की सुरक्षा और उनके निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने आसपास की इमारतों और पीजी की जांच तेज कर दी है, ताकि भवन निर्माण नियमों के उल्लंघन और सुरक्षा मानकों में कमी का पता लगाया जा सके।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार सुबह दोबारा घटनास्थल का दौरा किया और बचाव अभियान तथा सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों के साथ राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इमारत के मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है और यदि जांच में दिल्ली नगर निगम के किसी अधिकारी की लापरवाही या चूक सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने और भवन सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए दिल्लीभर में नियमों का उल्लंघन कर बनाई गई पांच मंजिला इमारतों की जांच कर उन्हें तत्काल सील करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद संबंधित विभागों ने संवेदनशील इलाकों में भवनों और पीजी की जांच-पड़ताल तेज कर दी है।
सत्य निकेतन हादसे को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की गई है। याचिका में हादसे और उससे जुड़ी भवन सुरक्षा संबंधी चिंताओं को लेकर न्यायालय के हस्तक्षेप की मांग की गई है। दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका पर जल्द सुनवाई का भरोसा दिया है। मामले की जांच और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया फिलहाल जारी है।




