नेपाल में भोटे कोशी नदी की बाढ़ से भारी तबाही, चीन सीमा पर बाढ़ में बह गए मकान-दुकान, 400 लोग लापता, कई मरे

नेपाल में बुधवार सुबह आई बाढ़ ने भयानक तबाही मचाई है। इस बाढ़ के कई वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे हैं। इन वीडियो में नेपाल में आई बाढ़ की वीभिषका को देखा जा सकता है। इस बाढ़ के कारण कई पुल, मकान, दुकान बह गए हैं और बड़ी संख्या में लोगों की मौतें भी हुई हैं।

काठमांडू/एजेंसी। नेपाल में तिब्बत सीमा के पास भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने रसुवा जिले में भारी तबाही मचा दी है। बाढ़ के कारण कई गांव और कस्बे प्रभावित हुए हैं। मकान, दुकानें, पुल, अस्पताल और अन्य बुनियादी ढांचे के बहने की खबर है। अब तक आठ लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
बाढ़ के बीच नेपाल के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे करीब 395 तीर्थयात्रियों से संपर्क टूट गया है। इनमें लगभग 108 भारतीय नागरिक बताए जा रहे हैं। ये सभी अलग-अलग नेपाली यात्रा एजेंसियों के माध्यम से यात्रा पर निकले थे। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है तथा लापता तीर्थयात्रियों की तलाश की जा रही है।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, भोटे कोशी नदी का जलस्तर स्थानीय समयानुसार सुबह करीब नौ बजे अचानक बढ़ गया। नेपाल की ओर से प्रारंभिक जानकारी में बताया गया है कि बाढ़ का पानी सीमा पार तिब्बत क्षेत्र से आया। इसका सबसे ज्यादा असर नदी किनारे बसे तिमुरे और स्याब्रुबेसी इलाकों में देखने को मिला है।
बाढ़ की तेज धारा में कई वाहन, व्यावसायिक सामान और अन्य संपत्तियां बह गईं। रसुवा के मुख्य सीमा शुल्क अधिकारी राजेंद्र ढुंगाना के अनुसार, सीमा शुल्क परिसर में रखे कई वाहन और सामान भी बाढ़ की चपेट में आ गए। हाल ही में बनाया गया एक पुल भी क्षतिग्रस्त होकर बह गया।
पहाड़ी और दुर्गम इलाका होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में भी मुश्किलें सामने आ रही हैं। बाढ़ के कारण कई सड़कों को नुकसान पहुंचा है, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। नेपाली सेना के हेलीकॉप्टरों के जरिए प्रभावित इलाकों की निगरानी की जा रही है।
इस प्राकृतिक आपदा के बीच भारत ने नेपाल को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बातचीत कर बाढ़ से हुई जनहानि और नुकसान पर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में भारत के लोग नेपाल के साथ खड़े हैं और भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है।
भारतीय दूतावास की ओर से भी प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिजनों की सहायता के लिए हेल्पलाइन व्यवस्था शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। लापता भारतीय तीर्थयात्रियों से संपर्क स्थापित करने और उनकी सुरक्षित वापसी के प्रयास किए जा रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ से हुए कुल नुकसान का विस्तृत आकलन अभी नहीं हो पाया है। राहत एवं बचाव अभियान आगे बढ़ने के साथ ही जान-माल के नुकसान की वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

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