आजमगढ़ में संपूर्ण समाधान दिवस में लापरवाही उजागर, टोपी की आड़ में रील देखते नजर आए सब इंस्पेक्टर!

आजमगढ़ में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान कुछ अधिकारियों का मोबाइल पर रील देखने का वीडियो सामने आया है। वीडियो के सामने आने पर अब प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

आजमगढ़/उत्तर प्रदेश। आजमगढ़ की सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में बैठक के दौरान कुछ अधिकारी और कर्मचारी फरियादियों की समस्याएं सुनने के बजाय मोबाइल में व्यस्त नजर आ रहे हैं, जिससे प्रशासनिक संवेदनशीलता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि जहां एक ओर कुछ अधिकारी बैठक के दौरान ऊंघते और झपकी लेते दिखाई दे रहे हैं, वहीं पुलिस विभाग के एक सब-इंस्पेक्टर टोपी की आड़ में मोबाइल रखकर रील देखते हुए कैमरे में कैद हो गए। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिलीं, जिसमें प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई गई।
गौरतलब है कि शासन के निर्देशानुसार संपूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य विभिन्न विभागों के अधिकारियों की संयुक्त उपस्थिति में आम जनता की शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करना होता है। इसके तहत प्रत्येक जिले में निर्धारित दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, जहां फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं और संबंधित अधिकारी मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करते हैं।
जानकारी के अनुसार, आजमगढ़ सदर तहसील में यह कार्यक्रम सामान्यतः शनिवार को आयोजित होता है, लेकिन यूपीटीईटी परीक्षा के चलते इसे सोमवार को आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, पुलिस अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के जिम्मेदार अधिकारी मौजूद थे, जो शिकायतें सुन रहे थे। इसी दौरान कुछ कर्मचारी मोबाइल का उपयोग करते हुए नजर आए, जिसे वहां मौजूद पत्रकारों ने कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले भी समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों के मोबाइल में व्यस्त रहने के मामले सामने आ चुके हैं, जिन पर चेतावनी और नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद इस प्रकार की घटनाओं का दोहराव प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
इस पूरे मामले पर सदर एसडीएम ने कहा है कि यदि भविष्य में इस प्रकार की शिकायत या प्रमाण दोबारा सामने आते हैं तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई कर ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने का प्रयास किया जाएगा।

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