उत्तर-पूर्वी दिल्ली में पुलिसकर्मियों पर बड़ा एक्शन, 10 दिन में एसएचओ समेत 11 लाइन हाजिर, कई और रडार पर

उत्तर पूर्वी दिल्ली में लापरवाही और अवैध गतिविधियों की अनदेखी पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। पिछले 10 दिनों में 11 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है, और कई अन्य रडार पर हैं।

राजीव कुमार गौड़/दिल्ली स्टेट हेड

उत्तर-पूर्वी दिल्ली। राजधानी का उत्तर-पूर्वी जिला, जिसे अक्सर अपराध के मामलों के कारण “पाताल लोक” कहा जाता है, एक बार फिर सुर्खियों में है। जिले में बढ़ते अपराध और पुलिस की संदिग्ध भूमिका को लेकर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। पिछले 10 दिनों के भीतर 11 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किए जाने की कार्रवाई ने विभाग में हड़कंप मचा दिया है।
इन पुलिसकर्मियों में थानाध्यक्ष, एएसआई और कांस्टेबल स्तर के कर्मचारी शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई अवैध गतिविधियों की अनदेखी, अपराधियों के प्रति ढील और ड्यूटी में लापरवाही के चलते की गई है।
सोनिया विहार क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री और एक आरोपी के पुलिस हिरासत से फरार होने के मामले में एसएचओ पंकज सिंह को लाइन हाजिर किया गया। वहीं नंद नगरी थाने के चिठ्ठा मुंशी और तीन बीट कांस्टेबलों पर भी कार्रवाई हुई है। इन पर अवैध शराब और सट्टा गतिविधियों को संरक्षण देने के आरोप हैं।
इसके अलावा स्पेशल स्टाफ के एएसआई पवन मलिक समेत अन्य पुलिसकर्मियों को भी विभिन्न मामलों में लापरवाही के चलते लाइन हाजिर किया गया। नौ कांस्टेबलों को उनकी बीट में लगातार आपराधिक गतिविधियों की शिकायत मिलने के बाद हटाया गया। जांच में आरोप सही पाए जाने पर यह सख्त कदम उठाया गया।
गौरतलब है कि पिछले तीन वर्षों में इस स्तर की लगातार कार्रवाई नहीं देखी गई थी। अब विभाग में सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तीन एसएचओ, दो सब-इंस्पेक्टर और 28 कांस्टेबल अभी भी जांच के दायरे में हैं और उन पर भी जल्द कार्रवाई संभव है।
लाइन हाजिर किए गए पुलिसकर्मियों को फील्ड ड्यूटी से हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया जाता है, जहां उन्हें रिजर्व ड्यूटी में लगाया जाता है। इसे विभाग में अनुशासनात्मक सजा के रूप में देखा जाता है।
इधर, डीसीपी राहुल अलवाल ने पुलिस-अपराधी गठजोड़ की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कार्यालय के बाहर गुप्त सूचना पेटी स्थापित कराई है। वे स्वयं इन शिकायतों की समीक्षा कर रहे हैं। एक सप्ताह में 10 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से कुछ सही पाए जाने पर अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई और संबंधित पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया।
डीसीपी राहुल अलवाल ने स्पष्ट किया कि जिले में अपराध नियंत्रण के लिए व्यापक अभियान जारी है और किसी भी पुलिसकर्मी की अपराध में संलिप्तता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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