दिव्यांग के लिए जमीन पर बैठे पलवल के उपायुक्त,पैर से सिग्नेचर करता देख हुए भावुक
पलवल के समाधान शिविर में इंसानियत और संवेदनशीलता की मिसाल देखने को मिली। उपायुक्त डॉ. जयेंद्र सिंह ने दिव्यांग युवक की परेशानी सुनने के लिए अपनी वीआईपी कुर्सी छोड़ जमीन पर बैठकर उसकी शिकायत सुनी और तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए।

पलवल/हरियाणा। पलवल जिले में प्रशासनिक संवेदनशीलता की एक भावुक और सराहनीय तस्वीर सामने आई है। जिला सचिवालय में आयोजित समाधान शिविर के दौरान उस समय अनोखा दृश्य देखने को मिला, जब जिले के उपायुक्त डॉ. जयेंद्र सिंह ने एक दिव्यांग की समस्या सुनने के लिए अपनी वीआईपी कुर्सी छोड़ दी और स्वयं जमीन पर बैठ गए। उनके इस व्यवहार ने वहां मौजूद अधिकारियों और आम लोगों को भावुक कर दिया।
आली ब्राह्मण गांव निवासी ललित कुमार शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं। उनके दोनों हाथ नहीं हैं और वे पैरों से भी ठीक से चल-फिर नहीं पाते। कुछ समय पूर्व उन्होंने गांव में एक मकान खरीदा था, जिस पर पूर्व मालिक का हजारों रुपये का बिजली बिल बकाया था। आरोप है कि बिजली विभाग के कर्मचारी वास्तविक देनदार से वसूली करने के बजाय ललित कुमार पर ही पुराना बिल चुकाने का दबाव बना रहे थे।
बताया गया है कि ललित कुमार लंबे समय से अपनी समस्या के समाधान के लिए बिजली विभाग के दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। आखिरकार वे अपनी शिकायत लेकर जिला स्तरीय समाधान शिविर में पहुंचे।
शिविर के दौरान जब उपायुक्त डॉ. जयेंद्र सिंह की नजर जमीन पर बैठे ललित कुमार पर पड़ी, तो वे तुरंत अपनी कुर्सी से उठकर उनके पास पहुंचे और उनके साथ जमीन पर ही बैठ गए। इस दौरान ललित कुमार ने अपने पैरों की उंगलियों में पेन फंसाकर शिकायत पत्र पर हस्ताक्षर किए। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो उठा।
उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर मौजूद बिजली विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि बकाया बिल की वसूली हर हाल में मकान के पूर्व मालिक से की जाए और ललित कुमार को तत्काल राहत प्रदान की जाए।
डॉ. जयेंद्र सिंह ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी कि यदि इस मामले के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई गई, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि हर नागरिक, चाहे वह किसी भी परिस्थिति में हो, सम्मान और संवेदना का हकदार है। उपायुक्त के इस मानवीय और संवेदनशील व्यवहार के बाद ललित कुमार ने नम आंखों से प्रशासन का आभार व्यक्त किया।




