राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी? जांच का इंतजार, काउंटिंग व्यवस्था पर भी उठे सवाल
राम मंदिर में चढ़ावा राशि गायब होने के आरोपों को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या चढ़ावा राशि की चोरी की गयी है या इसके काउंटिंग की व्यवस्था में खामियां हुईं।

अयोध्या/उत्तर प्रदेश। राम मंदिर में चढ़ावा राशि में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र की जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई का इंतजार है, वहीं यह भी जांच का विषय बना हुआ है कि मामला वास्तव में चोरी का है या फिर काउंटिंग व्यवस्था में खामियों के कारण सामने आया है।
मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपनी सफाई में ऑडिट का हवाला देते हुए कहा है कि अभी तक किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने नहीं आई है। इस बीच खुद को काउंटिंग टीम का पूर्व इंचार्ज बताने वाले महिपाल सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है, जिसमें उन्होंने काउंटिंग के दौरान कथित अनियमितताओं का दावा किया है। वीडियो में उन्होंने कहा कि बैंक कर्मियों द्वारा नोटों की गिनती के दौरान बॉक्स में गड्डियों की संख्या में अंतर पाया गया था, जिसकी जानकारी उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दी थी।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का अर्थ विश्वास होता है और इस मामले में पारदर्शिता आवश्यक है। उन्होंने सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं।
सूत्रों के अनुसार मंदिर परिसर के 15 मंदिरों में कुल 44 दान पात्र रखे गए हैं, जबकि ट्रस्ट के दो कार्यालयों में भी दान राशि जमा की जाती है, जहां कंप्यूटराइज्ड रसीद दी जाती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 80 से 85 करोड़ रुपये की चढ़ावा राशि जमा होने का अनुमान है, जिसकी नियमित काउंटिंग की जा रही है। एक दिन में पूरी गिनती न होने पर राशि को डबल लॉक बॉक्स में सुरक्षित रखा जाता है।
काउंटिंग प्रक्रिया दो सुरक्षा गार्ड और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होती है, जिसमें करीब 40 बैंक कर्मचारी और ट्रस्ट के पांच अधिकृत प्रतिनिधि शामिल रहते हैं। रोजाना लगभग 30 लाख रुपये की गिनती की जाती है और औसतन हर महीने 8 से 9 करोड़ रुपये जमा हो रहे हैं। नोटों की छंटाई के लिए ऑटोमेटिक मशीनों का उपयोग किया जाता है और गिनती के बाद रकम को सीलबंद कर बैंक में जमा कराया जाता है।
वहीं पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने अपने बयान में काउंटिंग प्रक्रिया में खामियों की ओर इशारा किया है और दावा किया है कि गिनती में अंतर पाए जाने के बाद उन्हें जिम्मेदारी से हटा दिया गया था। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इस बीच प्रदेश के होमगार्ड मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने आरोपों को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष सत्ता पाने की बेचैनी में इस तरह के आरोप लगा रहा है और जल्द ही सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर के निर्माण के बाद प्रदेश में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। फिलहाल मामले को लेकर जांच जारी है और सभी पक्षों की नजर आने वाली रिपोर्ट और कार्रवाई पर टिकी हुई है।




