नक्सल प्रभावित पुवर्ती गांव में सुशासन तिहार शिविर, ग्रामीणों को मिली सरकारी योजनाओं की सौगात

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के पुवर्ती गांव में सरकार की कई योजनाओं को पहुंचाया गया है। यह खूंखार नक्सली हिडमा का गांव है। कलेक्टर के निर्देश पर सुशासन तिहार का आयोजन हुआ।

सुकमा/छत्तीसगढ़। सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड के दूरस्थ और पूर्व नक्सल प्रभावित ग्राम पुवर्ती में अब शासन की योजनाएं पहुंचने लगी हैं। कभी कुख्यात नक्सली हिडमा के गांव के रूप में पहचान रखने वाला यह गांव अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ता नजर आ रहा है। सोमवार को यहां आयोजित सुशासन तिहार शिविर ग्रामीणों के लिए राहत और विश्वास का केंद्र बन गया।
कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय सेवाओं का लाभ मौके पर ही प्रदान किया गया। शिविर के दौरान 100 से अधिक महत्वपूर्ण दस्तावेजों का वितरण किया गया, जिनमें आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, नए खाता दस्तावेज, बी-1, खसरा, जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र शामिल हैं।
शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यक उपचार भी उपलब्ध कराया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया।
अब तक शासकीय दस्तावेजों और सेवाओं के लिए दूर-दराज के कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर ग्रामीणों को गांव में ही सुविधाएं मिलने लगी हैं, जिससे उनके समय और धन दोनों की बचत हो रही है। इस पहल के लिए ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
अधिकारियों ने बताया कि सुशासन तिहार केवल शासकीय सेवाओं तक सीमित नहीं रहा। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं के लिए पारंपरिक गोद भराई कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिससे ग्रामीणों में अपनत्व और सहभागिता का माहौल बना। ग्रामीणों का कहना है कि पहली बार शासन उनके घर-आंगन तक पहुंचा है। दूरस्थ क्षेत्रों में आयोजित ऐसे शिविर प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत कर रहे हैं और समावेशी विकास की दिशा में नई मिसाल पेश कर रहे हैं।

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