हरियाणा की महिला टीचर को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल होना पड़ा भारी, विभाग ने किया निलंबित
रोहतक की एक अतिथि शिक्षिका को दिल्ली के जंतर-मंतर पर परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ हुए प्रदर्शन में शामिल होने के कुछ दिनों बाद निलंबित कर दिया गया। शिक्षिका ने खुद को सिर्फ एक चिंतित मां बताया है।

रोहतक/हरियाणा। हरियाणा के रोहतक जिले के एक सरकारी स्कूल में कार्यरत अतिथि शिक्षिका को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित एक प्रदर्शन में शामिल होने के कुछ दिनों बाद निलंबित कर दिया गया है। जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार शिक्षिका सुलेखा दलाल को आठ जून से निलंबित किया गया है, हालांकि आदेश में निलंबन का कारण स्पष्ट नहीं किया गया है।
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान रोहतक खंड शिक्षा अधिकारी का कार्यालय उनका मुख्यालय रहेगा तथा उन्हें बिना पूर्व अनुमति के वहां से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी। उल्लेखनीय है कि एक वीडियो क्लिप में सुलेखा दलाल को जंतर-मंतर पर आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान बोलते हुए देखा गया था, जिसमें उन्होंने आंदोलन को ‘करो या मरो’ की लड़ाई बताया था।
निलंबन पर प्रतिक्रिया देते हुए शिक्षिका ने कहा कि उन्हें इसके कारण की कोई जानकारी नहीं दी गई है। उन्होंने बताया कि वह कई वर्षों से कार्यरत हैं और उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि प्रदर्शन में शामिल होना प्रतिबंधित है। उनका कहना है कि निलंबन से पहले कारण बताया जाना चाहिए था।
शिक्षिका ने यह भी बताया कि उनके पुत्र ने उस भर्ती परीक्षा में भाग लिया था, जिसमें कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं, इसलिए एक अभिभावक के रूप में वह प्रभावित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका किसी राजनीतिक दल या संगठन से कोई संबंध नहीं है और वह केवल एक चिंतित मां के रूप में प्रदर्शन में शामिल हुई थीं।
गौरतलब है कि छह जून को जंतर-मंतर पर आयोजित इस प्रदर्शन में देशभर से आए छात्रों और युवाओं ने कथित परीक्षा अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही की मांग की थी तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई थी। यह समूह हाल के समय में शिक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर सोशल मीडिया अभियानों के जरिए चर्चा में रहा है और स्वयं को सुधार की मांग करने वाला युवा मंच बताता है।




