एमपी के मुरैना में रेप के आरोप में डिप्टी कलेक्टर गिरफ्तार, शादी का झांसा दे बार-बार बनाए संबंध
मुरैना के सबलगढ़ में तैनात डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर को दुष्कर्म के आरोप में उनके सरकारी आवास से गिरफ्तार कर लिया गया है। कोर्ट ने उन्हें 19 जून तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है, उन पर शादी का झांसा देकर शोषण का आरोप है।
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मुरैना/मध्य प्रदेश। मुरैना जिले के सबलगढ़ में तैनात डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर को दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने बुधवार-गुरुवार की आधी रात उनके सरकारी आवास से गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने उन्हें 19 जून तक की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। माहौर पर एक युवती को शादी का झांसा देकर शोषण करने का आरोप है। वह पहले भी महिलाओं को लेकर विवादित रहे हैं। पिछले दिनों एक शिकायत पर मुख्यमंत्री ने उन्हें निलंबित कर दिया था। बहाल होने के बाद उनका नया मामला सामने आ गया। अब फिर उन्हें शासन ने निलंबित कर दिया है।
युवती की शिकायत पर उनके खिलाफ सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस को आशंका थी कि गुरुवार सुबह तक आरोपित अधिकारी फरार हो सकता है, इसलिए पुलिस ने देर रात दबिश दी। पुलिस के अनुसार दो युवतियों से नजदीकियां माहौर के लिए मुसीबत बनीं। दोनों युवतियां आपस में परिचित हैं। पहले वह दोनों को साथ लेकर भी घूमने जाता था। इधर कुछ दिनों से उसने एक युवती को नजरअंदाज करना शुरू कर दिया। वह शादी करने का दबाव बनाने लगी तो उसे व परिवार को धमकियां देने लगा। इसके बाद युवती ने साक्ष्यों समेत पुलिस अधीक्षक से शिकायत की।
पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि फेसबुक पर परिचय के बाद अरविंद माहौर ने खुद को इंजीनियर बताया था। 30 मार्च 2025 को उसने बैरियर रेस्ट हाउस में पीछे ले जाकर कार में ही जबरन शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता के अनुसार वह रोने लगी और शिकायत करने की बात कहने लगी, जिस पर अरविंद माहौर बोला कि मैं तुमसे शादी करूंगा। तुम भाग्यशाली हो, मैं एसडीएम हूं। इसके बाद उसने सबलगढ़ व ग्वालियर में भी कई बार शारीरिक संबंध बनाए। जब शादी की जिद करने लगी तो फोन उठाना बंद कर दिया।
डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर और पीड़िता के बीच वाट्सएप पर डेढ़ साल से बातचीत हो रही है। पीड़िता ने पूरी चैटिंग, वीडियो, फोटो सहेजकर रखे हैं। इनमें डिप्टी कलेक्टर इतनी अश्लील बातें कह रहा है, जिन्हें देखकर पुलिस अधिकारी भी शर्मसार हो गए। पुलिस के अनुसार पीड़िता के पिता पुलिस विभाग में पदस्थ हैं। पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना ने कहा कि मामला सरकारी अधिकारी से जुड़ा था, इसलिए पूरी जांच की गई, जिसमें शिकायतें सही पाई गई हैं। इसके बाद ही केस दर्ज किया गया।




