महाकुंभ ‘वायरल गर्ल’ मोनालिसा भोसले ने लगाया जन्म प्रमाण पत्र में हेराफेरी का आरोप, हाई कोर्ट में दायर की याचिका
महाकुंभ 'वायरल गर्ल' मोनालिसा भोसले ने इंदौर हाई कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि उनके अंतरधार्मिक विवाह को विवादित बनाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र में फर्जी बदलाव किए गए हैं। उन्होंने मूल प्रमाण पत्र बहाल करने और सरकारी रिकॉर्ड में हस्तक्षेप की स्वतंत्र जांच की मांग की है।

इंदौर/मध्य प्रदेश। प्रयागराज महाकुंभ के दौरान रुद्राक्ष की मालाएं बेचते हुए इंटरनेट मीडिया पर चर्चा में आईं मोनालिसा भोसले ने अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि उनके अंतरधार्मिक विवाह को विवादित और आपराधिक स्वरूप देने के लिए जन्म प्रमाण पत्र में कथित तौर पर फर्जी बदलाव किए गए हैं।
याचिका में मोनालिसा ने अपने मूल जन्म प्रमाण पत्र को पुनः बहाल करने और सरकारी रिकॉर्ड में कथित हस्तक्षेप की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। मामले में जल्द सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है।
मोनालिसा ने केरल में फरमान खान की शादी की थी, जिसको लेकर विवाद हुआ। विवाद तब और गहरा गया, जब राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की ओर से यह दावा किया गया कि विवाह के समय मोनालिसा की उम्र लगभग 16 वर्ष थी और शादी से जुड़े दस्तावेजों को लेकर सवाल उठाए गए।
खरगोन पुलिस ने इस मामले में फरमान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा में केस दर्ज किया है। हालांकि 20 अप्रैल 2026 को केरल हाई कोर्ट ने आरोपित फरमान की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी।
हाई कोर्ट में दायर याचिका में मोनालिसा ने आरोप लगाया है कि उनके पिता ने विवाह का विरोध करते हुए कथित साजिश के तहत जन्म रिकॉर्ड में बदलाव कर उन्हें नाबालिग साबित करने की कोशिश की। याचिका में यह भी दावा किया गया कि मूल जन्म प्रमाण पत्र को बिना उचित प्रक्रिया और पूर्व सूचना के सरकारी पोर्टल से हटाया गया।
मोनालिसा ने अपनी याचिका में यह भी कहा है कि उनके पिता और अन्य लोगों द्वारा इंटरनेट मीडिया पर फरमान खान के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काऊ प्रचार किया गया। साथ ही विवाह को सांप्रदायिक विवाद से जोड़ने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया गया है।




