यूपी में प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड बदलने की योजना पर काम शुरू

75 लाख बिजली उपभोक्ताओं को राहत, सिक्यूरिटी मनी चार किश्तों में देना होगा

यूपी में प्रीपेड मीटर व्यवस्था को खत्म कर दिया है। इसके साथ ही बिजली विभाग ने प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड करने की योजना पर काम शुरू कर दिया है।

लखनऊ/एजेंसी। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं की बढ़ती नाराजगी को देखते हुए प्रीपेड स्मार्ट मीटर व्यवस्था को बंद कर दिया है। प्रदेश के उपभोक्ताओं के घरों में अब प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को बंद किया जाएगा। साथ ही, बिजली विभाग की ओर से अब तक प्रीपेड मोड में बदले गए मीटर भी पोस्टपेड किए जाएंगे। नए कनेक्शन के लिए भी प्रीपेड की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। प्रीपेड स्मार्ट मीटर की व्यवस्था में कई प्रकार की तकनीकी खामी आ रही थी। इसको लेकर प्रदेश भर में बिजली उपभोक्ताओं का आक्रोश भड़क रहा था। तमाम स्थिति को देखने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने व्यवस्था में बदलाव के आदेश दिए। इसके बाद ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने इसे समाप्त करने का आदेश दिया।
उत्तर प्रदेश में केंद्र सरकार की रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत पुराने मीटर को बदलने की प्रक्रिया शुरू की गई। पुराने मीटर को स्मार्ट मीटर से बदला जा रहा है। इसके बाद उन्हें बिना कंज्यूमर्स की सहमति के प्रीपेड किया जा रहा था। पिछले साल सितंबर से नए कनेक्शन अनिवार्य तौर पर प्रीपेड मीटर के साथ दिए जा रहे थे। प्रीपेड मीटर ने उपभोक्ताओं को परेशान कर दिया था। जनता की नाराजगी देखकर सोमवार को ऊर्जा मंत्री ने प्रीपेड मीटर व्यवस्था समाप्त करने के आदेश दिए हैं। इससे 75 लाख बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिल जाएगी। इसके साथ ही पोस्टपेड मीटर की सिक्यूरिटी मनी को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया गया है।
प्रीपेड मीटरों को पोस्ट पेड में बदलने को लेकर उपभोक्ताओं को सिक्योरिटी मनी जमा करनी होगी। मंत्री एके शर्मा ने इसको लेकर आदेश जारी किया है कि उपभोक्ताओं से सिक्योरिटी राशि एकमुश्त न जमा करवाकर चार किस्तों में जमा करवाई जाए। इससे उपभोक्ताओं पर एक बार में पड़ने वाला वित्तीय बोझ कम हो जाएगा। पोस्ट पेड मीटर में कनेक्शनधारकों से सिक्योरिटी राशि जमा कराई जाती है। प्रीपेड मीटर में सिक्योरिटी राशि नहीं देनी होती है। ऐसे में जिन उपभोक्ताओं के मीटर पोस्ट पेड से प्रीपेड में बदले गए थे, उनकी सिक्योरिटी राशि वापस कर दी गई थी। अब उन्हें दोबारा इसे जमा करना पड़ेगा।
प्रदेश के सभी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बिजली बिल हर माह की 10 तारीख तक उपलब्ध कराया जाएगा। बिल मिलने की तारीख से भुगतान के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा। टोल फ्री नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज करके भी बिल प्राप्त किए जा सकेगा। एके शर्मा ने आदेश दिया है कि अधिकारियों के स्तर पर उपभोक्ताओं को बिल संबंधी किसी भी समस्या के निपटारे के लिए खंड और उपखंड स्तर पर कैंप लगाए जाएंगे।
ऊर्जा मंत्री न कहा कि जिन स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को समय पर बिल न मिले, वे वितरण कंपनियों के नंबर पर कनेक्शन नंबर बताकर बिल हासिल कर सकेंगे। इसके लिए पूर्वांचल डिवीजन का नंबर 8010968292 जारी किया गया। वहीं, मध्यांचल के उपभोक्ता 7669003409, पश्चिमांचल के 7859804803, दक्षिणांचल के 8010957826 और केस्को के नंबर 8287835233 पर कॉल कर बिल हासिल कर सकते हैं।
प्रदेश में प्रीपेड स्मार्ट मीटर पर हंगामा मचा था। अब इसको लेकर सरकार ने कदम पीछे खींच लिए हैं। साथ ही, सरकार ने साफ कर दिया है कि उपभोक्ताओं को पहले की तरह बिल मासिक मिलेंगे। लखनऊ में करीब तीन लाख उपभोक्ताओं के मीटर प्रीपेड किए गए थे। वहीं, प्रदेश में करीब 75 लाख उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर बिना सहमति प्रीपेड कर दिए गए थे। अब उन्हें पोस्ट पेड में बदला जाएगा। प्रीपेड मीटर में जमा बैलेंस मीटर पोस्ट पेड होते ही नए खाते में जुड़ जाएगा। ऊर्जा मंत्री ने आदेश दिए हैं कि 30 अप्रैल तक का बकाया बिल दस किस्तों में चुकाने की सुविधा होगी। मात्र एक माह के बकाए पर बिजली नहीं काटी जाएगी।
सरकार की ओर से एक अप्रैल को जारी अधिसूचना के बावजूद प्रदेश में में प्रीपेड मोड में ही नए कनेक्शन दिए जा रहे थे। इसके खिलाफ राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने इसको लेकर नियामक आयोग में याचिका दायर की थी। अब अवधेश वर्मा ने प्रीपेड मीटर की व्यवस्था समाप्त होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया है। उन्होंने मीटर उखाड़कर फेंकने वाले उपभोक्ताओं पर दर्ज मुकदमे भी वापस लेने की मांग की है।

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