पूर्व आईपीएस अधिकारी मीरा बोरवंकर राज्य महिला आयोग की चुनी गई अध्यक्ष

कांती जाधव/मुंबई ब्यूरो। अपनी तेजतर्रार कार्यशैली के कारण ‘लेडी सुपरकॉप’ के नाम से मशहूर सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी मीरा बोरवणकर को राज्य महिला आयोग की नई अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। हाल ही में रूपाली चाकणकर ने कुछ विवादास्पद मुद्दों के चलते अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था, जिसके बाद इस पद पर नए नाम को लेकर चर्चाएं तेज थीं। 1981 बैच की अधिकारी मीरा बोरवणकर महाराष्ट्र कैडर की पहली महिला आईपीएस अधिकारी रही हैं। अपने लंबे पुलिस करियर में उन्होंने कई अहम मामलों को सुलझाया और अपराधियों के बीच खौफ पैदा किया। उनकी नियुक्ति से उम्मीद जताई जा रही है कि महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा और सशक्तिकरण के क्षेत्र में बड़ा सकारात्मक योगदान मिलेगा। मीरा बोरवणकर के चयन का हर स्तर पर स्वागत किया जा रहा है और माना जा रहा है कि उनके अनुभव और सख्त कार्यशैली से आयोग की कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी होगी।

पूर्व आईपीएस अधिकारी मीरा बोरवंकर 1981 में महाराष्ट्र कैडर की पहली महिला आईपीएस अधिकारी बनीं। उन्होंने राज्य में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए अपनी एक अलग पहचान बनाई। 1994 में जलगांव यौन कांड का पर्दाफाश करने के बाद वे सुर्खियों में आईं। मुंबई क्राइम ब्रांच के प्रमुख रहते हुए उन्होंने अंडरवर्ल्ड के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। दाऊद इब्राहिम और छोटा राजन के गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई करके उन्होंने गैंगस्टरों पर लगाम लगाई। अबू सलेम, मोनिका बेदी और इकबाल मिर्ची जैसे अपराधियों के प्रत्यर्पण में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई। जब वह जेल महानिरीक्षक थीं, तब याकूब मेमन की फांसी की निगरानी उन्होंने ही की थी। “लेडी सुपरकॉप” के नाम से मशहूर बोरवंकर 2017 में सेवानिवृत्त हुईं। अपनी किताब ‘मैडम कमिश्नर’ में अजीत पवार पर लगाए गए आरोपों के कारण वह एक बार फिर सुर्खियों में आईं।

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