केदारनाथ धाम पहुंचे अडाणी ग्रुप के चेयरमैन, श्रमिक दिवस के साथ मनाई शादी की 40वीं वर्षगांठ

अडाणी ग्रुप के चेयरमैन शुक्रवार को केदारनाथ धाम पहुंचे। पूरे परिवार के साथ वे केदारनाथ पहुंच कर पूजा-अर्चना की। साथ ही रोपवे प्रोजेक्ट का भी निरीक्षण किया।
केदारनाथ/उत्तराखंड। अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी शुक्रवार को पूरे परिवार के साथ केदारनाथ पहुंचे। उन्होंने बाबा केदार के दरबार में हाजिरी लगाई। गौतम अडाणी ने शादी की 40वीं सालगिरह पर पत्नी प्रीति अडाणी के साथ बाबा केदार का जलाभिषेक किया। गौतम अडाणी शुक्रवार की सुबह दिल्ली से देहरादून पहुंचे। देहरादून से प्राइवेट हेलिकॉप्टर से केदारनाथ धाम पहुंचे। दर्शन के बाद उन्होंने प्रस्तावित सोनप्रयाग-केदारनाथ रोपवे परियोजना का एरियल सर्वे किया। इसके बाद गौतम अडाणी ने केदारनाथ धाम से जुड़ी फोटो शेयर की। इसके अलावा उन्होंने श्रमिक दिवस और शादी की सालगिरह को लेकर अपने विचार भी साझा किए।
अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने बाबा केदार के दरबार में हाजिरी लगाने के बाद कहा कि आज का दिन मेरे लिए विशेष है, एक ओर विश्व श्रमिक दिवस है और दूसरी ओर मेरे विवाह की 40वीं वर्षगांठ। इस पावन अवसर की शुरुआत मैंने अपनी जीवनसंगिनी प्रीति के साथ केदारनाथ धाम में भगवान महादेव के दर्शन और आशीर्वाद से की। अपनी पत्नी का इस मौके पर उन्होंने हर स्थिति में साथ देने के लिए धन्यवाद दिया। गौतम अडाणी ने लिखा कि चार दशकों की इस यात्रा में प्रीति का साथ मेरे लिए केवल जीवन का संबल नहीं, बल्कि हर चुनौती में एक शांत शक्ति और हर सफलता में एक विनम्र आधार रहा है। इसके लिए मैं हृदय से उनका आभारी हूं।
गौतम अडाणी ने बाबा केदार के दर्शन पूजन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हमने महादेव से प्रार्थना की कि वह हमारे देश को निरंतर प्रगति, समृद्धि और शक्ति प्रदान करें। हम सभी को राष्ट्र निर्माण में अपना श्रेष्ठ योगदान देने की प्रेरणा दें।
गौतम अडाणी ने श्रमिक दिवस पर नई पहल का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि आज विश्व श्रमिक दिवस के अवसर पर मैं अदाणी परिवार के अपने 4 लाख से अधिक साथियों से जुड़ने के लिए एक नई पहल ‘अपनी बात, अपनों के साथ’ की शुरुआत कर रहा हूं। यह मेरे लिए केवल एक औपचारिक संवाद नहीं, बल्कि अदाणी परिवार में सभी से दिल से जुड़ने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से मैं समय-समय पर अपने विचार, अपने अनुभव और अपनी सीख साझा करूंगा। उतनी ही विनम्रता से सीखने का प्रयास भी करूंगा।
चेयरमैन ने कहा कि मेरा दृढ़ विश्वास है कि जब अदाणी परिवार के लाखों सदस्य एक-दूसरे के सहयोगी बनकर राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जुड़ेंगे, तब हम सिर्फ परियोजनाएं ही नहीं बनाएँगे, बल्कि विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में अपना विनम्र योगदान भी दे सकेंगे। आप सभी का विश्वास और साथ ही मेरी सबसे बड़ी शक्ति है। गौतम अडाणी की कंपनी सोनप्रयाग-केदारनाथ रोपवे परियोजना का भी जायजा लिया। करीब 13 किलोमीटर लंबी यह रोपवे प्रणाली दुनिया के सबसे ऊंचे और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक क्षेत्रों में से एक में स्थापित की जा रही है। श्रद्धालुओं को अभी सोनप्रयाग से केदारनाथ तक पहुंचने के लिए 16 किलोमीटर की खड़ी और थका देने वाली पैदल चढ़ाई करनी पड़ती है। इसमें 8 से 9 घंटे का समय लगता है। रोपवे के शुरू होने के बाद यह कष्टकारी सफर महज 36 मिनट में पूरा होगा।
केदारनाथ रोपवे प्रोजेक्ट दुनिया की सबसे सुरक्षित और आधुनिक ‘3एस’ (थ्री-केबल) तकनीक पर आधारित होगा। इसे खराब मौसम और तेज हवाओं के बीच भी सुचारू रूप से संचालित करने के लिए डिजाइन किया गया है। अडाणी ग्रुप की ओर से पर्वतमाला प्रोजेक्ट के तहत इस करीब 4081 करोड़ रुपये की लागत वाली योजना को पूरा कराया रहा है। रोपवे प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद यह प्रति घंटे 1800 यात्रियों को एक तरफ से ले जाने में सक्षम होगा।




