‘मेरे गुरुकुल में बड़े नेता आते हैं, 10 दिन में मिल जाएगी बेल’, दिव्यांश के हत्यारे सौरभ ने दिखाई दबंगई

कानपुर/उत्तर प्रदेश। कानपुर में रहने वाले 11 साल के छात्र दिव्यांश की लखनऊ के गुरुकुल में प्रताड़ना से मौत के बाद घरवालों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। दिव्यांश की हत्या के आरोप में आलमनगर स्थित रामानुज भागवत वेद विद्यापीठ गुरुकुल के संचालक सौरभ मिश्रा (27) और उसकी प्रेमिका हर्षिता सोनी (23) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दोनों ने मिलकर दिव्यांश की पिटाई की थी और उसे गर्मी भरे कमरे में बंद रखा था। इसकी वजह से बच्चे की हालत बिगड़ी और उसकी जान चली गई।
इस पूरे मामले में सौरभ मिश्रा की दबंगई सामने आई है। शुक्रवार को जब मीडिया ने उससे इस घटना के बाबत पूछताछ की तो उसने कैमरे पर कहा कि उसके गुरुकुल में बड़े-बड़े नेताओं और मंत्रियों का आना-जाना है। 10 दिन के भीतर उसकी जमानत हो जाएगी। अगर जरूरत पड़ी तो उसके साथ 1 हजार गुरुकुल संचालक खड़े हो जाएंगे। गुरुकुल में दिव्यांश के साथ पढ़ने वाले एक बच्चे का दावा है कि सर ने रास्ते में उसे भी धमकाया था कि अगर कहीं कुछ बताया तो किडनी निकालकर बेंच देंगे।
कानपुर के महाराजपुर थानाक्षेत्र के गौरिया गांव में रहने वाले दिव्यांश को उसके परिवार ने बीते 15 अप्रैल को ही मुफ्त वैदिक शिक्षा के लिए लखनऊ के गुरुकुल में भर्ती कराया था। बुधवार को उसके परिवार को सूचना दी गई कि आपका बेटा सीढ़ियों से गिर गया है। परिवार के लखनऊ पहुंचने से पहले ही गुरुकुल से जुड़ा एक व्यक्ति शव को कानपुर के महाराज स्थित उसके गांव ले आया और घर के पास छोड़कर फरार हो गया। दिव्यांश के शरीर पर चोटों के 42 निशान मिले। साथ ही सिगरेट से जलाने के निशान भी पाए गए। परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि बच्चे के साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी। एक रिश्तेदार ने कहा कि उसके शरीर पर चोट के कई निशान थे, जिनमें कुछ जलने जैसे लग रहे थे, जिससे यातना दिए की आशंका है।
कानपुर के पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि महाराजपुर थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गुरुकुल लखनऊ में एक तीन मंजिला मकान से संचालित हो रहा था, जहां बालक करीब एक हफ्ते से रह रहा था। पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान सौरभ मिश्रा ने स्वीकार किया है कि उसने पिछले कुछ दिन में बालक की पिटाई की और उसे कम हवादार, बिना पंखे वाले कमरे में बंद रखा। पुलिस के मुताबिक, मारपीट और अत्यधिक गर्मी के कारण बच्चे की हालत बिगड़ी।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने पहले लखनऊ के एक नर्सिंग होम में बच्चे को भर्ती कराने की कोशिश की, लेकिन मना कर दिया गया। इसके बाद वे उसे कानपुर ले गए, जहां लाला लाजपत राय अस्पताल में भी भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद आरोपी शव को बालक के घर के पास छोड़कर फरार हो गए। पुलिस टीम ने लखनऊ में छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
11 साल के दिव्यांश की मौत के बाद गांव में तनाव का माहौल है। परिजनों ने शुरू में अंतिम संस्कार से इनकार करते हुए कड़ी कार्रवाई और मुआवजे की मांग की, लेकिन बाद में उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के दौरे के बाद स्थिति शांत हुई और ड्योढ़ी घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।




