यूपी के चर्चित आईएएस रिंकू सिंह ने वापस लिया इस्तीफा, शर्तों के साथ राष्ट्रपति को भेजा था पत्र

लखनऊ/एजेंसी। यूपी के शाहजहांपुर की पुवाया तहसील में एसडीएम पद पर तैनात रहे आईएएस रिंकू सिंह ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। उन्होंने काम नहीं तो वेतन नहीं और समाज कल्याण अधिकारी के पद पर वापस भेजने की शर्तों के साथ राष्ट्रपति को पत्र भेजा था। बताया जा रहा है कि बहुत गोपनीय तरीके से उनका इस्तीफा वापस हुआ है। इस पूरे मामले में कोई भी अधिकारी आधिकारिक रूप से कुछ बोलने को तैयार नहीं है। खुद रिंकू सिंह कुछ नहीं बता रहे हैं।
बीते 30 मार्च को सोशल मीडिया पर आईएएस रिंकू सिंह के इस्तीफे का पत्र वायरल हुआ था। वह काम ना मिलने से नाराज चल रहे थे। अपने इस्तीफे में रिंकू सिंह ने लिखा था कि सांविधानिक व्यवस्था के समानांतर एक अलग सिस्टम चल रहा है। आईएएस रिंकू सिंह पहली बार तब चर्चा में आए थे जब उन्होंने शाहजहांपुर में धरना दे रहे वकीलों के सामने उठक बैठक लगाई थी। वह 2023 बैच के आईएएस अफसर हैं। 26 मार्च को राष्ट्रपति को भेजे पत्र में उन्होंने लिखा था कि उन्हें काम करने का अवसर नहीं दिया जा रहा है। वह वर्तमान में राजस्व परिषद से अटैच चल रहे हैं।
रिंकू सिंह ने 2004 में यूपीपीसीएस परीक्षा पास कर जिला समाज कल्याण अधिकारी बने। नौकरी के साथ वह सिविल सेवा की तैयारी करते रहे। 2023 में उन्होंने यूपीएससी क्रैक कर दिया। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उनको 2025 में शाहजहांपुर का एसडीएम बनाकर भेजा गया। यहां वकीलों के धरने के दौरान रिंकू सिंह के उठक बैठक लगाने का वीडिया वायरल हुआ। इसके बाद उनको एसडीएम पद से हटाकर लखनऊ में राजस्व परिषद में अटैच कर दिया गया।
2008 में रिंकू सिंह समाज कल्याण अधिकारी के रूप में मुजफ्फरनगर में तैनात हुए। वहां उन्होंने विभाग में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त एक्शन लेने शुरू कर दिया। इसकी वजह से एक माफिया ने हमला कर दिया। उनके पेट में पांच गोलियां और एक सिर में लगी। शूटर रिंकू को मरा हुए छोड़कर चले गए। रिंकू सिंह का लंबा इलाज चला। उनकी कई सर्जरी हुई। दो सालों तक चले इलाज के बाद रिंकू सिंह स्वस्थ हो गए। इस बीच वह यूपीएससी की तैयारी में भी जुटे रहे।




