गाजियाबाद में कम सैलरी मिलने पर छलका कर्मचारियों का दर्द

गाजियाबाद और नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में कम सैलरी और बढ़ती महंगाई को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है।
गाजियाबाद। बढ़ती महंगाई और सीमित आय ने औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नोएडा में वेतन वृद्धि को लेकर उठे विरोध के बीच अब गाजियाबाद के कर्मचारियों ने अपनी आर्थिक परेशानियों को खुलकर सामने रखा है। उनका कहना है कि 11,000 से 15,000 रुपये की सैलरी में आज के समय में घर चलाना बेहद मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि रसोई गैस, किराया और रोजमर्रा की जरूरतों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे उनका मासिक बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है। औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले कई कर्मचारियों ने अपनी स्थिति साझा करते हुए बताया कि कम वेतन के कारण उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
नौकरी की असुरक्षा के कारण कर्मचारी मजबूरी में चुप रहते हैं, कहा कि गैस सिलेंडर, किराया और अन्य खर्च मिलाकर जीवन बेहद कठिन हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि रसोई गैस के बढ़ते दाम, मकान किराया और दैनिक जरूरतों की वस्तुओं की कीमतों ने उनके बजट को पूरी तरह असंतुलित कर दिया है। सीमित वेतन में परिवार चलाना अब मुश्किल होता जा रहा है।
सरकारी स्तर पर न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी की गई है। नए मानकों के अनुसार अकुशल श्रमिकों का वेतन 13,690 रुपये, अर्धकुशल का 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों का 16,868 रुपये निर्धारित किया गया है। इसके बावजूद कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के मुकाबले यह वेतन वृद्धि पर्याप्त नहीं है और वास्तविक जीवन की जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रही है।
नोएडा में हालिया श्रमिक प्रदर्शन के बाद गाजियाबाद में भी पुलिस सतर्क हो गई है। औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पीएसी के साथ पुलिस संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर औद्योगिक इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को रोका जा सके। सूत्रों के अनुसार खुफिया तंत्र भी पूरी तरह सक्रिय है और कुछ श्रमिक नेताओं की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। एनएच-9 और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।




