यूपी की बिजनौर पुलिस का कारनामा, आतंकी आकिब को दी थी क्लीन चिट
एके-47 को बताया था खिलौना, एटीएस ने कसा शिकंजा तो खुली पोल

लखनऊ/एजेंसी। राजधानी लखनऊ से गिरफ्तार चार संदिग्ध आतंकियों से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में पता चला है कि इन आरोपियों से जुड़े एक पुराने मामले में बिजनौर पुलिस ने गंभीर लापरवाही बरतते हुए उन्हें पहले ही क्लीन चिट दे दी थी।
जानकारी के मुताबिक, नवंबर 2025 में मेरठ निवासी साकिब उर्फ डेविल और दुबई में मौजूद उसके कथित हैंडलर आकिब के साथ बिजनौर निवासी माजुल की एक वीडियो कॉल रिकॉर्डिंग सामने आई थी। इस वीडियो में आकिब एके-47 के साथ दिखाई दे रहा था।
इस मामले में 23 नवंबर 2025 को बिजनौर के नागल थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। हालांकि जांच के दौरान पुलिस ने वीडियो में दिख रही एके-47 को खिलौना बताते हुए आरोपियों को क्लीन चिट दे दी। अब इस खुलासे के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
एसआई सस्पेंड, सीओ हटाए गए
मामले के उजागर होने के बाद बिजनौर पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए जांच करने वाले एसआई सतेंद्र मलिक को सस्पेंड कर दिया है। इसके अलावा सीओ नजीबाबाद नितेश प्रताप सिंह को भी उनके पद से हटा दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।
एटीएस की पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे
उत्तर प्रदेश एटीएस ने 2 अप्रैल को लखनऊ से साकिब, अरबाब, विकास गहलावत और लोकेश उर्फ पपला पंडित को गिरफ्तार किया था। फिलहाल चारों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया है कि वे दिल्ली-एनसीआर में लावारिस खड़ी गाड़ियों और डंपिंग साइट्स में आग लगाते थे। इन घटनाओं के वीडियो बनाकर पाकिस्तानी हैंडलर को भेजे जाते थे, जिसके बदले उन्हें 15 से 20 हजार रुपये मिलते थे।
दिल्ली में टॉय कार से धमाके की साजिश
जांच में यह भी सामने आया है कि मुंबई के कुर्ला और ठाणे से कामरान और बड़ा इमरान को गिरफ्तार किया गया है। ये दोनों दिल्ली में टॉय कार के जरिए धमाके की साजिश रच रहे थे। इन्हें कुशीनगर निवासी रिजवान अहमद निर्देश दे रहा था, जिसे दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार कर लिया है। रिजवान का नाम पहले भी 2015 में ISIS से जुड़े एक मामले में सामने आ चुका है। 2017 में उसके पास विस्फोटक बरामद हुए थे और वह 2017 से 2023 तक जेल में रहा था।
दुबई में बैठे आकिब की सफाई
उत्तर प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने दुबई में मौजूद आकिब को इस पूरे नेटवर्क का सरगना बताया है। हालांकि आकिब ने एक वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताया है और एक मोबाइल नंबर जारी कर लोगों से सच्चाई जानने के लिए संपर्क करने की अपील की है।




