10 लाख की सीसी ग्राम पंचायत कोडा में सड़क निर्माण कार्य में खेल

- इंजीनियर–अनुविभागीय अधिकारी पर मिलीभगत का आरोप?
- 6 इंच की जगह 4 इंच में बन गई सी सी सड़क ऐसा क्यों?
- 10 लाख रुपए की लागत में गुणवत्ता से समझौता क्यों?
शोभित शर्मा,एमसीबी/छत्तीसगढ़। खड़गवां विकासखंड के ग्राम पंचायत कोडा में बनी सीसी सड़क अब भ्रष्टाचार का जीता-जागता उदाहरण बनती जा रही है। करीब 10 लाख रुपए की लागत से बेचन सिंह घर से गोरेलाल के घर तक योजना पिछडा वर्ग विकास प्राधिकरण वर्ष 2042-2025 इस सी सी सडक के निर्माण स्थल पर जो नागरिक सूचना बोर्ड लगया गया है उसमें सी सी सडक की लम्बाई का उल्लेख नहीं किया गया है। जिससे सड़क निर्माण में भारी गड़बड़ी होने का संदेह उत्पन्न हो रहा है।
सीधे तौर पर इंजीनियर व एसडीओ की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि इंजीनियर और एसडीओ कमीशन खोरी में इतने मशगूल है कि उनको कार्य की गुणवत्ता से कोई सरोकार ही नहीं है! ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की निर्धारित 6 इंच मोटाई को दरकिनार कर महज 4 इंच में ही निर्माण किया गया है और किया जा रहा है। इतना ही नहीं, निर्माण के दौरान जरूरी क्योरिंग (पानी डालना) तक नहीं किया जा रहा, जिससे साफ है कि काम पूरी तरह स्तरहीन और नियमों के खिलाफ किया जा रहा है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पूरे निर्माण कार्य के दौरान न तो कोई इंजीनियर मौके पर पहुंचा और न ही एसडीओ ने कभी निरीक्षण किया। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह पूरा खेल अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है?
मामले को और संदिग्ध बनाता है निर्माण स्थल पर सूचना पटल पर पूरी जानकारी का ना होना। नियमों के मुताबिक हर सरकारी निर्माण कार्य में योजना की पूरी जानकारी सार्वजनिक करना अनिवार्य होता है, लेकिन यहां पारदर्शिता को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है।
ग्रामीणों में इसको लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि सरकारी पैसों की खुली लूट हो रही है और जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं। अब ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी इंजीनियर व एसडीओ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
जनता के सवाल:
किसके संरक्षण में हो रहा है यह घटिया निर्माण?
इंजीनियर और अनुविभागीय अधिकारी ने अब तक निरीक्षण क्यों नहीं किया?
10 लाख रुपए की लागत में गुणवत्ता से समझौता क्यों?




