एलपीजी गैस की कमी से मुंबई के होटलों पर संकट, कई रेस्टोरेंट बंद

कांती जाधव/मुंबई ब्यूरो। मुंबई में एलपीजी गैस की सप्लाई बाधित होने से रेस्टोरेंट मालिकों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। होटल मालिकों के मुताबिक करीब 60% रेस्टोरेंट तब तक बंद करने की तैयारी में हैं जब तक उन्हें रोजाना मिलने वाली कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई फिर से शुरू नहीं हो जाती। बाकी रेस्टोरेंट फिलहाल सीमित मेन्यू के साथ काम कर रहे हैं, जिसमें कई व्यंजन उपलब्ध नहीं हैं। होटल मालिकों का कहना है कि गैस की कमी के कारण उन्हें अपने मेन्यू और काम के समय में कटौती करनी पड़ रही है।मुंबई के रेस्टोरेंट में कमर्शियल एलपीजी की कमी का बुरा असर पड़ देखने को मिल रहा है। इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन(एएचएआर) के सूत्रों के मुताबिक, मुंबई में 35-40 फीसद लोगों ने अपने रेस्टोरेंट बंद कर दिए हैं या फिर उन्होंने अपने मेन्यू और सर्विस में कटौती की है।
मुंबई में जिन रेस्टोरेंट में ऐसा देखने को मिल रहा है, वो ज्यादातर आइलैंड सिटी में हैं। इसके पीछे की वजह है कि यहां के रेस्टोरेंट पीएनजी पाइपलाइन नेटवर्क न होने के कारण एलपीजी सिलेंडरों पर ज्यादा निर्भर हैं। इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार, एलपीजी गैस की कमी से प्रभावित 40 फीसद रेस्टोरेंट में से करीब 20 फीसद रेस्टोरेंट पूरी तरह से बंद हो गए हैं। वहीं बाकी 20 फीसद रेस्टोरेंट ने मेन्यू में व्यंजनों की संख्या को कम कर दिया है।
घाटकोपर का होटल आनंद इस समय बंद हो गया है। माटुंगा के रामआश्रय ने अपने मेन्यू में 50 फीसद की कटौती की है, जबकि बांद्रा के सोल फ्राई ने अपनी लंच सेवा निलंबित कर दी है और सैंडविच, सलाद और स्टीम्ड व्यंजन पेश करना शुरू कर दिया है। एएचएआर के अध्यक्ष विजय शेट्टी ने कहा, ‘अगर एक-दो दिन के भीतर इस कमी को दूर नहीं किया गया, तो संकट और गहरा सकता है और प्रभावित होटलों का प्रतिशत 60 फीसद तक पहुंच सकता है।’
विजय शेट्टी ने आगे बताया, ‘शहर में बड़ी संख्या में होटल मालिकों के पास ऐसे सिलेंडर हैं जो केवल गुरुवार शाम तक ही चल सकते हैं।’ सूत्रों के मुताबिक, रेस्टोरेंट के मालिकों का कहना है कि एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी के कारण उनकी लागत बढ़ रही है। कुछ लोगों ने इस संकट से निपटने के लिए इंडक्शन स्टोव का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।

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