“नारी शक्ति के सम्मान के साथ मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस” मनेंद्रगढ़ में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हर्षाेल्लास से मनाया गया
महिलाओं को किया गया सम्मानित

शैलेश जैन,एमसीबी/ छत्तीसगढ़। महिला एवं बाल विकास अधिकारी आदित्य शर्मा के मार्गदर्शन में एकीकृत महिला एवं बाल विकास परियोजना विभाग द्वारा सरस्वती शिशु मंदिर मनेंद्रगढ़ के सभागार में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिमा यादव रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके पश्चात उपस्थित जनों द्वारा वंदे मातरम् तथा छत्तीसगढ़ के राजकीय गीत “अरपा पैरी के धार” का सामूहिक गायन किया गया, जिससे पूरे सभागार में देशभक्ति और गौरव का वातावरण निर्मित हो गया।
इस अवसर पर महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के महत्व की जानकारी देते हुए बताया गया कि महिलाओं के अधिकारों और समानता को लेकर वर्ष 1917 से इस दिवस को मनाने की परंपरा प्रारंभ हुई। इसका उद्देश्य महिलाओं को समाज में समान सम्मान, अवसर और अधिकार दिलाना है।
कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज की प्रगति में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा महिलाओं के जीवन में शिक्षा का विशेष महत्व है। महिलाओं का शिक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर होना समाज के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। इस दौरान छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महिलाओं के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं अभियानों की जानकारी दी गई तथा महिलाओं से इन योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने की अपील की गई। साथ ही चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के कार्यों तथा बच्चों के संरक्षण और अधिकारों से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम में यह संकल्प लिया गया कि 31 मार्च 2029 तक छत्तीसगढ़ को 100 प्रतिशत बाल विवाह मुक्त बनाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सभी मिलकर प्रयास करेंगे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ बाल विवाह मुक्त अभियान के मास्टर ट्रेनर एवं सलाहकार शशांक शर्मा (रायपुर) ने बाल विवाह के दुष्परिणामों तथा इससे बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण ( NFHS -5) के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक बाल विवाह सरगुजा संभाग के सूरजपुर जिले में देखने को मिलता है। उन्होंने बाल विवाह उन्मूलन के लिए इसे जन आंदोलन का रूप देने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह सेवा 24 घंटे उपलब्ध रहती है और इस पर दी गई सूचना गोपनीय रखी जाती है।
कार्यक्रम के दौरान जिले के भरतपुर की रहने वाली दर्शना सिंह का भी उल्लेख किया गया, जिन्होंने हाल ही में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा उत्तीर्ण कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनकी उपलब्धि को महिलाओं और बेटियों के लिए प्रेरणा स्रोत बताया गया। मुख्य अतिथि प्रतिमा यादव ने अपने संबोधन में कहा कि आज नारी शक्ति का सम्मान किया जा रहा है और महिलाएँ अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। उन्होंने बेटियों की शिक्षा पर विशेष बल देते हुए कहा कि आज बेटियाँ अपने माता-पिता, समाज और देश का नाम रोशन कर रही हैं।
कार्यक्रम में जिले में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता में पुष्पा एक्का ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि संध्या जायसवाल द्वितीय और अनीता साहा तृतीय स्थान पर रहीं। वहीं एक मिनट प्रतियोगिता में प्रेरणा शर्मा और जयन्ती शर्मा ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। रुपिनी किंडो को द्वितीय तथा रशीदा खातून को तृतीय स्थान मिला।
कार्यक्रम के दौरान बस्तर के मिनी स्टेडियम में आयोजित वृहद महतारी वंदन सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संबोधन की लाइव स्क्रीनिंग भी प्रदर्शित की गई। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में सभी महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए बताया कि महतारी वंदन योजना की 25वीं किस्त महिलाओं के बैंक खातों में जारी की गई है। उन्होंने कहा कि इस योजना से प्रदेश की माताओं और बहनों का आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित हो रहा है।
कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिमा यादव, जनपद पंचायत अध्यक्ष जानकी बाई खुसरो, नगर पंचायत झगराखांड की अध्यक्ष रीमा यादव, जिला पंचायत सदस्य अनीता सिंह, नगर पालिका परिषद मनेंद्रगढ़ वार्ड क्रमांक 20 की पार्षद सुनैना विश्वकर्मा, जया कर, तहसीलदार श्रुति धुर्वे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में महिलाएँ उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का मंच संचालन श्रीमती वीरांगना श्रीवास्तव द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं में उत्साह और उमंग का वातावरण देखने को मिला तथा महिला सशक्तिकरण का संदेश प्रभावी रूप से प्रसारित हुआ ।





