हर रोज 15 करोड़ का राजस्व, फिर भी सुविधाएं ‘जीरो’
गाजियाबाद तहसील में टूटे शौचालय बयां कर रहे हकीकत

गाजियाबाद। गाजियाबाद में सदर तहसील के अंदर बने निबंधन भवन में रोजाना 500 बैनामे होते हैं, इससे लगभग 15 करोड़ रुपये का राजस्व सरकार को मिलता है। इसके बावजूद यहां पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं, अधिवक्ताओं ने सुविधाएं मुहैया कराने की मांग कई बार की, लेकिन उनकी मांगों पर अब तक संज्ञान नहीं लिया गया है।
तहसील परिसर के अंदर बना एक वाशरूम खराब है, उसमें टायलेट सीट टूटी हुई है। निबंधन भवन में बने शौचालय पर ताला लटका हुआ है। पानी पीने के लिए यहां पर आरओ तो लगाया गया है लेकिन वहां पर पानी की व्यवस्था नहीं है। देखरेख के अभाव में आरओ भी खराब हो गया है। ऐसे में अधिवक्ताओं को बाजार से पानी के जार खरीदने पड़ते हैं। बताया कि बैनामे कराने के लिए आने वाले लाेगों को पानी खरीदकर पीना पड़ता है। निबंधन भवन के पीछे कूड़े का अंबार लगा है, सफाई न होने से लोगों को बीमार होने का खतरा भी रहता है।

हसील परिसर में कार्यालय के पीछे लगा कूड़े के ढेर व टूटी कार्यालय की खिड़कियां।




