कानपुर में 70 रुपये ने रोक दिया 70 करोड़ का प्रोजेक्ट… न्यू कानपुर सिटी का बढ़ा इंतजार

कानपुर/उत्तर प्रदेश। यूपी के कानपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। कानपुर में 153 हेक्टेयर जमीन पर न्यू कानपुर सिटी परियोजना का काम चल रहा है, जिसमें सीवेज पाइप लाइन और ड्रेनेज का काम तेजी से चल रहा है, लेकिन पाइप लाइन और ड्रेनेज का काम मात्र 70 रुपये के अंतर में अटक गया। करीब 70 करोड़ रुपये की योजना पिछले एक महीने से केवल इतनी सी तकनीकी गलती के कारण आगे नहीं बढ़ पा रही है। जिसकी वजह से काम के टेंडर भी नहीं हो सके हैं। जिम्मेदारों की लापरवाही की वजह से यह योजना दिवाली से पहले शुरू नहीं हो पाएगी, जबकि इसका शुभारंभ 15 अगस्त को शुरू करने की तैयारी कर ली गई थी।
न्यू कानपुर सिटी परियोजना 153 हेक्टेयर जमीन पर बसाने की तैयारी 29 साल पहले तैयार की गई थी। इसे विकसित करने के लिए सीवेज ड्रेनेज कार्य की तैयारी पूरी की जा चुकी थी। फाइल में 70 रुपये की गड़बड़ी होने के कारण पूरे काम को रोक दिया गया। बताया जा रहा है कि कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) जोन 1 के प्रभारी अभियंता ने इस कार्य का एस्टीमेट तैयार कर वित्त विभाग को भेजा था। अनुमानित लागत 70 करोड़ रुपये बताई गई थी, लेकिन कुल योग में केवल 70 रुपये का अंतर निकल आया। इसी अंतर के कारण वित्त विभाग ने फाइल लौटा दी। जिसकी वजह से टेंडर नहीं हो सका।
वित्त विभाग और अभियंत्रण विभाग के बीच फाइल झूल रही है। अभियंत्रण विभाग का कहना है कि उन्होंने हर प्रस्तावित कार्य की लागत राउंड फिगर में जोड़ी थी, लेकिन कुल योग करते समय मामूली अंतर रह गया। इस खामी को दूर कर दोबारा फाइल तैयार की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही संशोधित फाइल भेजकर टेंडर जारी किए जाएंगे।
केडीए सचिव अभय कुमार पांडे का कहना है कि अभियंत्रण विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि फाइल में जो भी गणना संबंधित त्रुटि रह गई है, उसे जल्द ही दुरुस्त कर लिया जाएगा। इसके बाद संशोधित फाइल वित्त विभाग को भेजी जाएगी। हम प्रयास कर रहे हैं कि टेंडर प्रक्रिया दिवाली से पहले शुरू हो जाए, ताकि न्यू कानपुर सिटी का कार्य गति पकड़ ले। केडीए अभियंता का कहना है कि फाइल में केवल मामूली अंतर था। हर प्रस्तावित कार्य का अनुमानित लागत सही था, लेकिन योग में 70 रुपये का फर्क रह गया।
न्यू कानपुर सिटी योजना कानपुर विकास प्राधिकरण की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक है। इसमें सड़कों, नालों और सीवेज लाइन का काम पूरा होते ही आवासीय कार्य शुरू किया जाना था, लेकिन यह योजना दिवाली के बाद तक टलने के आसार हैं। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही वित्त विभाग से मंजूरी मिल जाएगी। टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

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