आगरा का बिल्डर 9 करोड़ की ठगी के मामले में पत्नी के साथ गिरफ्तार

बांके बिहारी कॉरिडोर के लिए 510 करोड़ का दान देने का किया था ऐलान

आगरा/उत्तर प्रदेश। बांके बिहारी कॉरिडोर के लिए 510 करोड़ का दान देने की घोषणा करने वाला आगरा का बिल्डर 9 करोड़ की ठगी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। उसे पत्नी के साथ जयपुर से आगरा पुलिस ने पकड़ा है। दोनों जयपुर की फाइव स्टार होटल में रुके थे। बिल्डर पर 9 करोड़ की ठगी करने का आरोप था। जिसके वारंट जारी हुए थे, लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर मौज मार रहा था।
कमला नगर क्षेत्र में रहने वाला प्रखर गर्ग आगरा का मशहूर बिल्डर है। उसने अपने परिचित अरुण सोंधी के साथ धोखाधड़ी की थी। अरुण सोंधी के साथ बिल्डर प्रखर गर्ग ने एक होटल का सौदा किया था। इसके एवज में अरुण सोंधी ने उसे 9 करोड़ रुपये दिए थे, मगर प्रखर गर्ग ने होटल का बैनामा नहीं कराया तो अरुण ने अपनी रकम वापस मांगी। काफी टालमटोल के बाद उसे 2 करोड़ के चेक दिए, जो कि बैंक से बाउंस हो गए। अरुण सोंधी ने साल 2024 में प्रखर गर्ग, उसकी पत्नी राखी गर्ग, सुमित कुमार जैन, सतीश गुप्ता और मुकेश जैन के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
कोर्ट ने प्रखर गर्ग, राखी गर्ग समेत आरोपियों को अरेस्ट करने के लिए एनबीडब्ल्यू (गैर जमानती वारंट) जारी कर दिए थे, लेकिन पुलिस विभाग में सेटिंग हो जाने के चलते वह गिरफ्तार नहीं हो पा रहा था। पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने ईमानदार पुलिस अधिकारियों को चुनकर टीम बनाई। एसीपी अक्षय कुमार, इंस्पेक्टर प्रदीप त्रिपाठी, एसआई विनोद कुमार और दीपक तिवारी को टीम में लगाया। पुलिस को उनकी लोकेशन जयपुर की मिली। प्रखर गर्ग और उसकी पत्नी राखी गर्ग एक फाइव स्टार होटल में रुके थे। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
कुंभ में लगाई हेमा मालिनी के साथ डुबकी
जालसाज प्रखर गर्ग ने बांके बिहारी कॉरिडोर निर्माण के लिए 510 करोड़ का दान देने के लिए सरकार को अपना हलफनामा दिया था, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया। इस पर वह चर्चा में आया था। इसके बाद कुंभ में उसने मथुरा की सांसद हेमा मालिनी के साथ डुबकी लगाई थी। संत के भेष में उसका हेमा मालिनी के साथ फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। ठगी के मामले में 10 दिनों पूर्व ही उसके खिला एनबीडब्ल्यू जारी हुआ था। पुलिस सरगर्मी से उसकी तलाश में जुटी थी।

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