गाजियाबाद महायोजना को मंजूरी,घर, दुकान और मनोरंजन सुविधाएं एक जगह पर

मास्टर प्लान 2031 से बदलेगी गाजियाबाद की तस्वीर

गाजियाबाद। महायोजना 2031 को शासन से मिली मंजूरी के साथ ही गाजियाबाद विकास प्राधिकरण का क्षेत्रफल 27.56 प्रतिशत बढ़ गया। इससे लोनी और मोदीनगर क्षेत्रों में तेजी के साथ सुनियोजित विकास होगा। इससे निवेश के साथ ही रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। महायोजना को वर्ष 2031 में 66 लाख की आबादी को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
जीडीए वीसी अतुल वत्स ने बताया कि पिछले करीब सात वर्षों से अधर में लटकी महायोजना 2031 को शासन ने शुक्रवार को मंजूरी दे दी। इस योजना से गाजियाबाद में रुकी कई नई योजनाओं को गति मिलने के साथ ही निवेश के रास्ते खुलेंगे और लोगों को बेहतर सुविधा के साथ रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
नमो भारत और मेट्रो कॉरिडोर के दोनों ओर टीओडी (ट्राजिंट ओरिएंटेड डेवलेपमेंट) नीति से सुनियोजित विकास होगा। इसके पास अफार्डेबल हाउसिंग, व्यावसायिक और मनोरंजनात्मक सुविधाएं विकसित हो सकेंगी। महायोजना 2031 के तहत नमो भारत ट्रेन के स्टेशनों पर 1.5 किलो मीटर परिधी के दायरे में लगभग 4200 हेक्टेयर क्षेत्रफल को टीओडी जोन बनेगा। मेट्रो कारिडोर के रेड और ब्लू लाइन के 500 मीटर के दायरे में करीब 630 हेक्टेयर क्षेत्रफल को शामिल किया है। टीओडी एवं स्पेशल डेवलपमेंट एरिया (एसडीए) जोन को मिक्सड यूज कैटेगरी के रूप में विकसित किया जाएगा। इन क्षेत्रों में उच्च फलोर एरिया रेसीओ (एफएआर) 1.5 से बढाकर 5.0 किया गया है। उन्होंने बताया कि औद्योगिककरण के साथ ही ओडीओपी को बढ़ावा मिलेगा। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे और दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे के निकट नए औद्योगिक क्षेत्र प्राधिकरण की ओर से विकसित किए जाएंगे।
इससे प्रदेश सरकार के एक ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के औद्योगिक विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने में गाजियाबाद भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। लोनी, मोदीनगर समेत अन्य क्षेत्रों में भी उद्योग लगाने की योजना है।
महायोजना के तहत परिवहन व्यवस्था सुधार के लिए जिले में दो ट्रांसपोर्ट नगर और दो लाजिस्टिक्स पार्क प्रस्तावित हैं। महायोजना क्षेत्र में एक मल्टी माडल लाजिस्टिक्स पार्क की योजना है। कई ट्रक पार्किंग सुविधाओं की योजना है। इन सुविधाओं का उद्देश्य ट्रक यातायात को अधिक प्रभावी ढंग से प्रबंधित करना है।
24 मीटर मार्ग के भूखंडों पर कर सकेंगे नीचे दुकान ऊपर मकान का निर्माण
शासन द्वारा जारी नए बिल्डिंग बायलाज लागू होने के बाद अब 24 मीटर मार्ग से लगे भूखंडों के पर नीचे दुकान और ऊपर मकान बनाया जा सकेगा। मौजूदा समय में ऐसे मार्ग से लगे भूखंडों में दुकान अथवा शोरूम का निर्माण करने वालों के पास मौका है कि बिल्डिंग कम्पाउंड कराएं। महायोजना में आठ की जगह 15 जोन प्रस्तावित किए गए हैं।
गुलधर और दुहाई नमो स्टेशन के निकट मिलेगा मिश्रित भू उपयोग
नमो भारत के गुलधर और दुहाई स्टेशन के निकट स्पेशल डवलपमेंट एरिया करीब 900 हेक्टेयर क्षेत्रफल में होगा। एक ही भवन में होरीजेंटल या वर्टीकल और विभिन्न उपयोगों के एक से अधिक भवनों में अनुमन्यता प्रदान की जा सकेगी। महायोजना में 15-15 फीसदी आवासीय और व्यावसायिक के साथ 20 प्रतिशत ग्रीन एरिया की बढ़ोत्तरी की गई है।

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