कासगंज में ज्वेलर को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 3 लाख रिश्वत मांगने का आरोप

एसपी ने लिया कड़ा एक्शन, 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड, मुकदमा भी दर्ज

कासगंज/उत्तर प्रदेश। कासगंज जिले में पुलिस विभाग की एक शर्मनाक हरकत सामने आई है, जहां एक ज्वेलर से कथित तौर पर फर्जी केस में फंसाने की धमकी देकर तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) अंकिता शर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए कोतवाली पटियाली के प्रभारी निरीक्षक रामवकील सिंह, एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक विनय शर्मा और दो सिपाहियों सोबरन सिंह व पवन कुमार को सस्पेंड कर दिया। साथ ही उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच के आदेश दिए गए हैं। इस कार्रवाई से जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
मामला कस्बा सहावर के निवासी अजय कुमार वर्मा की शिकायत से शुरू हुआ, जिन्होंने कासगंज एसपी को लिखित शिकायत दी। अजय ने आरोप लगाया कि एसओजी का सिपाही पवन एक शातिर जय प्रकाश उर्फ जेपी के साथ उनके पास आया और कहा कि उन्होंने चोरी का सामान खरीदा है।
सिपाही ने उनसे चोरी के जेवरात और 50,000 रुपये देने की मांग की, नहीं तो जेल भेजने की धमकी दी। अजय को जबरन थाना पटियाली ले जाया गया, जहां सिपाही सोबरन सिंह और पवन ने उनसे तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगी। डर के मारे अजय ने अपने बच्चों से रात तीन बजे उधार लेकर तीन लाख रुपये सिपाही सोबरन सिंह को दिए, जिसके बाद उन्हें रिहा किया गया।
एसपी अंकिता शर्मा ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए गोपनीय जांच कराई। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए। इसके आधार पर थाना पटियाली में भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की जांच क्षेत्राधिकारी (सीओ) पटियाली को सौंपी गई है।
जांच में कोतवाली प्रभारी रामवकील सिंह, एसओजी प्रभारी विनय शर्मा और सिपाही सोबरन सिंह व पवन कुमार की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके चलते चारों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। अन्य विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है। एसपी की इस सख्त कार्रवाई से कासगंज पुलिस विभाग में खलबली मच गई है।

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