‘डंडे से मारा, प्रेग्नेंट महिला को भी पीटा’, बिहार की लेडी आरपीएफ सब इंस्पेक्टर पर लगे गंभीर आरोप

'Beat with a stick, beat up a pregnant woman too', serious allegations against Bihar's lady RPF sub-inspector

पटना/एजेंसी। दानापुर में दो दलित माहिलाओं के आरोप ने तूल पकड़ लिया है। आरोप आरपीएफ की महिला सब इंस्पेक्टर नेहा गुप्ता पर है। आरोप है कि उन्होंने बेरहमी से महिला वेंडरों की पिटाई की। पीड़ित महिलाएं न्याय की आस लिए खगौल थाने में आरपीएफ सब इन्सपेक्टर नेहा गुप्ता के खिलाफ रिपोर्ट लिखाने पहुंची। दोनों पीड़ितों को खगौल थाने द्वारा जीआरपी के क्षेत्र का मामला बताकर वापस लौटा दिया गया। दोनों जब जी जीआरपी पहुंची तो उसे वहं से भी लौटा दिया गया। आरोप है कि मामले को मैनेज करने की भी कोशिश की गई।
पिटाई से जख्मी अधेड़ महिला ने बताया कि दानापुर रेलवे स्टेशन के आसपास और ट्रेनों में छोटी मोटी सामग्री बेचकर वह अपना जीवन यापन करती है। इनकी तरह करीब 50 से अधिक महिलाएं, बच्चे और बच्चियां वेंडरिंग का काम करती हैं। सभी गरीब हैं और उनके पास पूंजी नहीं है। आरोप है कि ये रोजाना स्टेशन एरिया में सामान बेचने के लिए आरपीएफ और जीआरपी को रोजाना सौ रूपये रिश्वत भी देती हैं।
महिलाओं के अनुसार हद तो तब हो गई जब उन्हें और उन जैसी एक दलित महिला वेंडर को आरपीएफ की सब इन्सपेक्टर नेहा गुप्ता ने पकड़ लिया। इसके बाद आरोप है कि उनकी हाजत में बंद कर बेरहमी से पिटाई की गई। उन्हें करीब 25 से 30 डंडे पूरे शरीर पर बरसाये गए। आरोप ये भी है कि एक गर्भवती महिला ने पेट में बच्चा होने का हवाला देकर छोड़ने की गुहार लगाई, लेकिन बाकी आरपीएफ लेडी जवान भी मूक दर्शक बनीं रहीं।
उन्हें पिटाई के बाद जुर्माना भरने आरा रेलवे कोर्ट में भेजा गया। जहां वह 1200 रूपये जुर्माना देकर लौटी हैं। पूरे शरीर में काफी दर्द है। वह अस्पताल का चक्कर लगा रही हैं। आरोप है कि हर दिन महिला और बच्चियों की इसी तरह लेडी सब इन्सपेक्टर द्वारा पिटाई की जाती है। वे सभी उनकी खौफ से कहीं भी शिकायत नहीं कर पाती। महिलाओं को डर है कि अगर उन्हें शिकायत का पता चला तो खोजकर फिर निर्दयपूर्ण ढंग से पिटाई करेंगी।
इस संबंध में खगौल थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने बताया कि रेलवे स्टेशन का एरिया जीआरपी के अधीन आता है। इसलिए यह मामला जीआरपी में ही दर्ज होगा। अगर महिला के साथ उनके थाना क्षेत्र में पिटाई होती तो वे उचित कानूनी कार्रवाई के लिए बाध्य होते। वहीं महिला लेडी सब इंस्पेक्टर नेहा गुप्ता के खिलाफ जीआरपी में भी गई मगर वहां आरपीएफ इन्सपेक्टर को बुला लिया गया, जिसके द्वारा मामला मैनेज करने की बात कह उनका आवेदन नहीं लिया गया। एक अधेड़ महिला मंजू देवी और गर्भवती महिला नेहा देवी ने अपनी दर्द भरी कहानी बयां की है। वही इस मामले में आरपीएफ के अस्सिटेंट कमांडेंट से बात कि गई तो उन्होंने इस मामले से अनभिज्ञता जताते हुए जांच करने की बात कही।

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