न बैंड, न बाजा, न बाराती… मिर्जापुर में प्रेमिका ने अस्पताल में प्रेमी से की फिल्मी अंदाज में शादी
No band, no music, no baraatis... In Mirzapur, the girlfriend married her boyfriend in a filmy style in the hospital

मिर्जापुर/उत्तर प्रदेश। सच्चा प्रेम किसी भी बाधा को पार कर सकता है, यह कहावत एक बार फिर उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में सच होती दिखी। जिले के एक अस्पताल में इलाजरत प्रेमी से मिलने पहुंची प्रेमिका ने वहीं विवाह रचा लिया। यह घटना किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लगती, लेकिन यह हकीकत है। प्रेमिका के इस साहसिक कदम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मिर्जापुर जिले के जिगना क्षेत्र के गोगांव निवासी शिवराज सिंह और लालगंज के पुचनीपुरा की पुष्पांजलि के बीच पिछले सात वर्षों से प्रेम संबंध था। दोनों की पहली मुलाकात पुष्पांजलि की बहन के घर हुई थी, जहां से उनका प्रेम परवान चढ़ा। इस बीच एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में शिवराज सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए और पिछले आठ महीनों से ट्रॉमा सेंटर में उनका इलाज चल रहा था।
2 अप्रैल को पुष्पांजलि अपने परिवार को बिना बताए अस्पताल पहुंच गई। वहां उसने शिवराज से विवाह कर लिया। जब परिवार वालों को इसकी जानकारी मिली, तो वे भी अस्पताल पहुंचे। लेकिन, प्रेमिका की जिद के आगे झुक गए और वापस लौट गए। पुष्पांजलि ने सिंदूर भरकर शादी की रस्म पूरी की। अपने प्रेम को अटूट बनाने का संकल्प लिया।
इस अनोखी शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। लोग इस प्रेम कहानी को सराह रहे हैं और इसे सच्चे प्रेम का उदाहरण मान रहे हैं। मिर्जापुर में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रेम की एक अनूठी मिसाल पेश कर रही है।
शादी के बाद पुष्पांजलि ने कहा कि हम दोनों पिछले सात वर्षों से एक-दूसरे को जानते हैं। हमारे प्रेम में कोई बाधा नहीं आ सकती। शिवराज के बिना मैं नहीं रह सकती, इसलिए मैंने अस्पताल में ही उनसे विवाह कर लिया। अब मैं उनकी पत्नी हूं और हर परिस्थिति में उनके साथ रहूंगी। वहीं, शिवराज ने भी अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि हमारा प्रेम अटूट है और यह समय की कसौटी पर खरा उतरा है। मेरी प्रेमिका ने साबित कर दिया कि सच्चा प्रेम किसी भी परिस्थिति में मजबूत बना रहता है। अब हम दोनों जीवनभर एक-दूसरे का साथ निभाएंगे।




