‘तिरुपति मंदिर में सिर्फ हिंदुओं को ही मिले नौकरी : चंद्रबाबू नायडू
मुमताज होटल की मंजूरी कर दी रद

- मंदिर के आसपास खान-पान सेवा वाले शाकाहारी व्यंजन परोसेंगे।
- दूसरे समुदाय के लोगों को दूसरी जगहों पर काम पर रखा जाएगा।
- हर राज्य की राजधानी में वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर बनाने की योजना।
तिरुमाला/आंध्र प्रदेश। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा है कि तिरुमाला-तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) यानी मशहूर तिरुपति मंदिर में केवल हिंदुओं को ही काम पर रखा जाना चाहिए। शुक्रवार को मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद नायडू ने कहा कि अगर दूसरे समुदाय के लोग मौजूदा समय में वहां काम कर रहे हैं तो उनकी भावनाओं का अनादर किए बिना उन्हें दूसरी जगहों पर रखा जाएगा। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अपने बेटे नारा लोकेश और परिवार के सदस्यों के साथ शुक्रवार को तिरुमला में भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री नायडू ने अपनी उस भव्य योजना को भी लोगों से साझा की, जिसके तहत देशभर के सभी राज्यों की राजधानियों में वेंकटेश्वर स्वामी का मंदिर बनाने की योजना है।
उन्होंने कहा कि दुनिया भर में भगवान वेंकटेश्वर की संपत्तियों की सुरक्षा के लिए पवित्र धागा बांधा जाता है। उन्होंने कहा कि कई भक्त विदेश में भी ऐसे मंदिर स्थापित किए जाने की इच्छा रखते हैं। मंदिर के चारों तरफ यानी तिरुमाला की पहाड़ियों पर किसी भी तरह की व्यवसायिक गतिविधियों की चर्चा करते हुए नायडू ने कहा कि पिछली सरकार ने मंदिर के निकट ही 35.32 एकड़ भूमि पर मुमताज होटल की स्थापना की मंजूरी दी थी जिसे उनकी सरकार ने रद कर दिया है।
नायडू ने कहा कि तिरुमाला की सात पहाड़ियों के निकट किसी तरह की व्यवसायिक गतिविधि नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खान-पान सेवा के लिए जिन्हें भी व्यवसाय की मंजूरी मिली हुई है, वे केवल शाकाहारी व्यंजन ही परोसेंगे।
भगवान वेंकटेश्वर के प्रति अपनी आस्था जताते हुए नायडू ने कहा कि भगवान की कृपा के कारण ही वे कई लक्षित हमलों से बच पाए हैं। उन्होंने कहा कि मुझे 24 क्लेमोर माइंस से निशाना बनाया गया था। ऐसे हमले से बचना असंभव था, लेकिन मैं पूरी तरह से भगवान वेंकटेश्वर की दिव्य कृपा के कारण बच गया। मैं इतने बड़े विस्फोट से बच गया, यह तथ्य भगवान की अपार शक्ति को साबित करता है।




