जम्मू कश्मीर पुलिस की डिजिटल उड़ान, पहली बार दर्ज की व्हाट्सएप के जरिए ई-एफआईआर
Digital flight of Jammu Kashmir Police, first time e-FIR registered through WhatsApp

- जम्मू कश्मीर पुलिस ने दर्ज की पहली ई-एफआईआर
- पुलिस को व्हाटसएप पर प्राप्त हुई थी एक शिकायत
- रोडवेज के चालक ने पुलिस को भेजी थी अपनी कंप्लेन
श्रीनगर/एजेंसी। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सोशल मीडिया मंच ‘व्हाट्सएप’ के माध्यम से दर्ज की गई शिकायत के बाद पहली बार ‘इलेक्ट्रॉनिक प्रथम सूचना रिपोर्ट’ (ई-एफआईआर) दर्ज की है। पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि डिजिटल पुलिसिंग’ की दिशा में एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए हंदवाड़ा के विलगाम पुलिस थाने ने ‘व्हाट्सएप’ के माध्यम से दर्ज की गई शिकायत के बाद पहली बार ई-एफआईआर दर्ज की है। उन्होंने बताया कि कुपवाड़ा के हांजीपोरा निवासी इम्तियाज अहमद डार ने यह शिकयत दर्ज कराई थी। वह राज्य सड़क परिवहन निगम में चालक के तौर पर काम करता है।
शिकायत के अनुसार, यह घटना दिन में उस दौरान हुई जब डार तराथपोरा से श्रीनगर जा रहे थे। प्रवक्ता ने बताया कि चालक ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि विलगाम पहुंचने पर उन्हें गलत तरीके से रोका गया और विलगाम के शहनीपोरा निवासी आशिक हुसैन भट और गौहर अहमद भट नामक दो व्यक्तियों ने उन पर हमला किया। प्रवक्ता के अनुसार, पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर उन्हें चोट पहुंचाईं। प्रवक्ता ने बताया कि शिकायत के जवाब में विलगाम पुलिस थाने ने तुरंत बीएनएस की धारा 115(2) और 126(2) के तहत ‘ई-एफआईआर’ दर्ज की।
जम्मू कश्मीर पुलिस की स्थापना 1873 में हुई थी। जम्मू कश्मीर पुलिस का आतंकवाद की वजह से बजट काफी ज्यादा रहा है। पुलिस का सालाना बजट करीब 10 हजार करोड़ रुपये का है। जम्मू कश्मीर पुलिस में करीब 83 हजार पुलिस कर्मी हैं। जो राज्य के लोगों की सुरक्षा व्यवस्था को संभालते हैं। 1992 बैच के आईपीएस नलिन प्रभात अभी जम्मू कश्मीर पुलिस के मुखिया है। वह पिछले साल अक्तूबर से डीजीपी का दायित्व निभा रहे हैं।




