छत्तीसगढ़ में हाथी दांत, तेंदुआ और भालू की खाल के साथ पांच तस्कर गिरफ्तार
Five smugglers arrested with elephant tusks, leopard and bear skins in Chhattisgarh

बलरामपुर/छत्तीसगढ़। वन्यजीव तस्करों के खिलाफ बलरामपुर जिले में वन विभाग के टीम ने बड़ी सफलता मिली है। वन विभाग की टीम ने हाथी दांत और तेंदुआ-भालू की खाल के साथ पांच तस्करों को गिरफ्तार किया है। बता दें कि वन जीवों का शिकार और उनकी तस्करी करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। वन विभाग के अमले को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और झारखंड की सीमावर्ती वाड्रफनगर और रामानुजगंज वन परिक्षेत्रों में राज्य स्तरीय उड़नदस्ता, वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो और बलरामपुर वनमंडल की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की है।जानकारी के अनुसार वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र में तीन आरोपी लक्ष्मण पिता देवप्रसाद, मोहन पिता प्रेमलाल और दिलदार पिता गुरुदेव को हाथी दांत की तस्करी करते हुए गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से दो हाथी दांत, तीन मोबाइल फोन और एक स्कूटी बरामद की गई। इस मामले में वन परिक्षेत्र अधिकारी वाड्रफनगर ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इसी तरह रामानुजगंज वन परिक्षेत्र में अनिल कुमार पिता भगवानदास शर्मा और रामबचन पिता शिवराम के पास से तेंदुआ की दो खाल, भालू की एक खाल, दो मोबाइल फोन, एक मोटर साइकिल और एक स्कूटी बरामद की गई। सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख वी श्रीनिवास राव ने जनता से अपील की है कि वे वन्य अपराध एवं तस्करी या संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत विभाग को दें। जिससे अपराध करने वाले के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जा सके।
बता दें कि छत्तीसगढ़ के कई जिले जंगलों से घिरे हुए हैं। जिस कारण से जंगली जानवर कई बार ग्रामीण इलाकों में भी घुस जाते हैं जिस कारण से लोगों को मुश्किलें होती हैं। वहीं, बड़े पैमाने में शिकार और तस्करी के मामले भी सामने आते हैं। तस्करी करने वालों के खिलाफ वन मंत्री केदार कश्यप में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जिसके बाद विभाग लगातार ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है।




