हरियाणा में ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी नहीं चला पाएंगे मोबाइल
जनता ने किया फैसले का स्वागत

चंडीगढ़/एजेंसी। हरियाणा में पुलिसकर्मी अब ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। यह आदेश पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कार्यालय ने सभी जिला पुलिस प्रमुखों को दिया है। इसका सख्ती से पालन करना होगा। बताया जा रहा है कि पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान फोन पर लगे रहते हैं। इससे काम में लापरवाही होती है। इसी को देखते हुए यह निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिसकर्मियों को अपने मोबाइल फ़ोन सीनियर अफसरों को जमा करने होंगे। अधिकारी इन फ़ोनों का रिकॉर्ड रखेंगे। अगर किसी पुलिसकर्मी को ड्यूटी के दौरान फ़ोन इस्तेमाल करने की अनुमति मिलती है, तो इसका भी रिकॉर्ड रखा जाएगा।
कुछ खास ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करने पर पूरी तरह से रोक रहेगी। इसमें ट्रैफिक मैनेजमेंट, वीआईपी ड्यूटी, क़ानून व्यवस्था की ड्यूटी, पीएसओ ड्यूटी, गार्ड ड्यूटी, चेकपोस्ट, पुलिस कंट्रोल रूम, आपातकालीन ड्यूटी, ख़ास छापेमारी/चेकिंग अभियान, संवेदनशील आधिकारिक बैठकें और प्रशिक्षण गतिविधियां शामिल हैं। निर्देशों में यह भी कहा गया है कि टीम का नेतृत्व करने वाले सुपरवाइजर/सीनियर अफसर फ़ोन का इस्तेमाल कर सकते हैं। बाकी पुलिसकर्मी किसी भी आपात स्थिति में उनके नंबर का इस्तेमाल कर सकते हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन निर्देशों से पुलिस की कार्यक्षमता में सुधार होगा। साथ ही, इससे जनता में पुलिस की छवि भी बेहतर होगी। पुलिस ज़्यादा पेशेवर और सतर्क दिखाई देगी। सोचिए, ट्रैफिक जाम में फंसे हैं और ट्रैफिक पुलिस वाला फ़ोन पर लगा है। ऐसे में क्या होगा? या फिर, कोई वीआईपी मूवमेंट हो रहा है और सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी फ़ोन पर गेम खेल रहा हो! ऐसी लापरवाही अब नहीं चलेगी। इससे पहले भी कई बार पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान फ़ोन इस्तेमाल करते देखा गया है। कई बार तो वीडियो भी वायरल हुए हैं। इससे पुलिस की छवि ख़राब होती है। लोगों का पुलिस पर से भरोसा उठता है। नए नियमों से उम्मीद है कि ऐसी घटनाएं कम होंगी। पुलिस ज़्यादा ज़िम्मेदारी से काम करेगी।
हरियाणा पुलिस के इस फ़ैसले का आम जनता ने स्वागत किया है। लोगों का मानना है कि इससे पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा। पुलिस ज्यादा सतर्क और मुस्तैद रहेगी। अपराध पर नियंत्रण करने में भी मदद मिलेगी। पुलिस अब जनता की सुरक्षा के लिए ज़्यादा समय दे पाएगी। फोन पर समय बर्बाद नहीं होगा। इससे जनता और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल भी बनेगा। आम आदमी भी अब ज़्यादा सुरक्षित महसूस करेगा।




