दिल्ली बम ब्लास्ट के आरोपियों की पहचान करेगा एआई, जांच में टेरर एंगल भी तलाश रही पुलिस

AI will identify the accused of Delhi bomb blast, police is also looking for terror angle in the investigation

नई दिल्ली/एजेंसी। बम ब्लास्ट की जगह से 50 मीटर के दायरे में फैले पड़े पुर्जे, बोतलें, शीशे के टुकड़े और अन्य चीजें इसके पीछे की गहरी साजिशों की ओर इशारा कर रही हैं। मौके से जांच ऐजेंसियों ने एक वायर का टुकड़ा, सफेदनुमा विस्फोटक पाउडर, कुछ कीलें बरामद की हैं। अंदेशा है कि यह वायर भी धमाके से जुड़ा हो सकता है। यह एक तरह से क्रूड बम था, जिसमें कुछ केमिकल का इस्तेमाल किया गया था। अमोनियम नाइट्रेट व अन्य 5 केमिकल पाउडर का इस्तेमाल होने की बात भी सामने आई है। जिसके आधार पर पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां जांच को टेरर एंगल से जोड़कर देख रही हैं।
हालांकि पुलिस इसमें ‘लोकल लिंक’ का हाथ होने की बात कह रही हैं। पुलिस की शुरुआती तफ्तीश घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे, मोबाइल डंप डेटा और फरेंसिक टीम की तरफ से उठाए गए विस्फोटक मटीरियल सैंपल पर टिकी है। पुलिस अफसर का कहना है कि बम ब्लास्ट का खुलासा सीसीटीवी और डंप डेटा से हो सकेगा। विस्फोटक जांच से मंसूबा और साजिश के सूत्रधार का सुराग मिल सकेगा। शनिवार रात से लेकर धमाका होने तक मौके पर एक्टिव मोबाइल नंबर की जांच की जा रही है। जांच सूत्रों ने बताया कि आसपास के करीब दो किमी के दायरे में सीसीटीवी कैमरों को चेक किया है। उसमें घटनास्थल पर कुछ दुकानदारों के कैमरे खराब मिले हैं। जबकि बाकी कैमरों की फुटेज की पिछले एक सप्ताह की रिकॉर्डिंग कलेक्ट करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि जिस जगह यह ब्लास्ट हुआ। उसके ठीक सामने सीसीटीवी कैमरा लगा है। उस कैमरे में ब्लास्ट की तस्वीरें कैद हुई हैं।
जांच में कई एंगल एक साथ हैं। जैसे क्या टाइमर लगाया गया था। कैसे ये बम बनाया गया था। फरेंसिक टीम ने अवशेष जुटाए हैं। कुछ संदिग्धों से पुलिस ने पूछताछ की है। उस दौरान उन संदिग्धों की मौजूदगी देखी गई, लेकिन पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। कई फुटेज पुलिस को हाथ लगे हैं। पुलिस के पास कुछ ऐसी फुटेज हैं। उसमें संदिग्धों की तस्वीरें धुंधली हैं। इसके लिए पुलिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से उन तस्वीरों को अलग-अलग एंगल से निकाल रही है। पुलिस ने इस घटना को लेकर प्रशांत विहार थाने में अंडर सेक्शन 326 (जी) बीएनएस, 4 प्रीवेंशन ऑफ डैमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट और 3 एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
प्रशांत विहार में सीआरपीएफ स्कूल की बाउंड्री वॉल पर धमाके की साजिश किसने रची। यह अगले कुछ दिनों में जांच से साफ हो सकेगा। सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों ने आशंका जताई है कि ब्लास्ट को अंजाम देने के पीछे जरूर साजिशकर्ताओं ने पहले से रेकी की होगी। सीआरपीएफ ने भी इस धमाके को गंभीरता से लिया है। हाल ही में दिल्ली के तमाम स्कूलों को बम विस्फोट के धमकी भरे ईमेल भेजने के एंगल को भी जांच के दायरे में रखा गया है। दिवाली से चंद दिन पहले हुए इस धमाके से पुलिस समेत खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के हाथ पांव फूल गए हैं।
ब्लास्ट की जिम्मेदारी फिलहाल किसी टेररिस्ट ग्रुप ने नहीं ली है। हालांकि एहतियातन पूरी दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। सुरक्षा एजेंसियां इसे मामूली घटना के तौर पर नहीं देख रही हैं। माना जा रहा है कि इस ब्लास्ट से मेसेज देने की कोशिश की गई है। स्कूल की बाउंड्री को कोई ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है। उस जगह पर सिर्फ गड्ढा बन गया है।

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