तीस हजारी कोर्ट में नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी!

हाई कोर्ट की दखल के बाद अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

नई दिल्ली। तीस हजारी अदालत में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायतों पर दिल्ली हाई कोर्ट के सख्त रुख को देखते हुए अदालत प्रमुख ने एक चेतावनी जारी की। इसमें प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन्स जज(HQ) ने अपने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी दी कि धोखाधड़ी में शामिल पाए जाने पर कानूनी कार्यवाही के साथ सस्पेंशन से लेकर टर्मिनेट तक किया जा सकता है।
प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन्स जज संजय गर्ग-1 ने 28 सितंबर को संबंधित सर्कुलर जारी किया। उसमें लिखा है कि बड़े अफसोस के साथ इस संस्थान के सभी अधिकारियों को सूचित किया जाता है कि दिल्ली हाई कोर्ट को इस कोर्ट के अधिकारियों के धोखाधड़ी से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने की शिकायतें मिली हैं, खासतौर पर यहां नौकरी दिलाने के झूठे वादे करने को लेकर।
सर्कुलर में आगे लिखा है कि इस संस्थान के सभी पदधारियों को ऐसी किसी गतिविधि में शामिल होने से बचने या ऐसी किसी धोखाधड़ी या अनैतिक काम में मदद नहीं करने की हिदायत दी जाती है। वरना इस तरह के कदाचार और गलत कामों में शामिल स्टाफ सदस्यों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू करने के साथ उन्हें सस्पेंड या बर्खास्त करने जैसी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई भी होगी।
कोर्ट स्टाफ को ऐसी किसी गतिविधि के बारे में पता चलने पर उसकी रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित भी किया गया। साथ में यह हिदायत भी दी गई कि सूचना ठोस होनी चाहिए, इधर-उधर की बातों पर आधारित नहीं।
जज प्रमुख ने उम्मीद जताई कि इस संस्थान की भर्ती प्रक्रिया की सच्चाई अत्यंत अहम है और यह हम सब की जिम्मेदारी है कि सभी प्रक्रियाएं पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ हों। उन्होंने दोहराया कि इस तरह के कदाचार में किसी भी तरह की संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसके बाद भी किसी उल्लंघन पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। इसलिए सभी से इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है।

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