लखनऊ बिल्डिंग हादसे में गिरे टावर के सैंपल में बालू ज्यादा, सीमेंट-मौरंग कम, ट्रांसपोर्ट नगर में जांच तेज

Samples of the tower that fell in the Lucknow building accident have more sand and less cement and gravel, investigation intensified in Transport Nagar

लखनऊ/एजेंसी। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ट्रांसपोर्ट नगर बिल्डिंग हादसे की जांच तेज हो गई है। गुजरात के गांधीनगर स्थित नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी से आई टीम ने मंगलवार से ट्रांसपोर्टनगर में गिरी तीन मंजिला इमारत की स्ट्रक्चरल जांच शुरू कर दी। तीन सदस्यीय टीम ने करीब डेढ़ घंटे सरिया, इमारत की क्वॉलिटी और पूरा स्ट्रक्चर देखा। मलबे से कई सैंपल भी लिए। टीम के सदस्यों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही कुछ पता चल पाएगा, हालांकि मौके पर टीम को कुछ कमियां मिलीं। मलबे से लिए गए सैंपल में बालू की मात्रा भी ज्यादा है। इससे माना जा रहा है कि निर्माण में मानक से कम मौरंग और सीमेंट का इस्तेमाल किया गया है। जांच के दौरान अलग ही नजारा दिखा। जांच की अगुआई कर रहे प्रो. आरके शाह का संतुलन मलबे के बीच अचानक बिगड़ गया। वह मलबे पर ही गिर गए, हालांकि उन्हें कई चोट नहीं आई।नेशनल फरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी से आई टीम में प्रफेसर आरके शाह, डॉ. प्रवीण गुप्ता, प्रो. मेरुल वकील शामिल हैं। एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि टीम की मदद से एलडीए और पीडब्ल्यूडी के अफसर भी मौजूद रहे। टीम ने क्षतिग्रस्त इमारत के हिस्सों में स्लैब की मोटाई, कॉलम व बीम के आकार और निर्माण में इस्तेमाल सरिया की नापजोख भी की। टीम के सदस्यों ने शुरुआती दौर में बताया है कि कॉलम और बीम की मजबूती की जांच (म्प्रेशन टेस्टिंग मशीन (सीटीएम) से की जाएगी। इसी तरह यूनिवर्सल टेस्टिंग मशीन (यूटीएम) से सरिया और कंक्रीट का टेंसाइल टेस्ट किया जाएगा। इससे यह पता लगाया जाएगा कि कॉलम और बीम इमारत का भार सहने लायक थे या नहीं।
ज्यादा माल लोड करने की बात
जांच के दौरान पीडब्ल्यूडी अफसरों ने फरेंसिक टीम को बताया कि इमारत में तीन फ्लोर तक माल भरा था। इस पर भूतल पर बने मोबिल ऑइल के गोदाम संचालक ने कहा कि पहली मंजिल पर बने दवा गोदाम में ज्यादा माल लोड था। इस पर गोदाम संलाचकों में बहस भ हुई दोनों ने एक-दूसरे पर ज्यादा माल लोड करने का आरोप लगाया है। ऐसे में जांच टीम भवन मालिक से भी पूछताछ की तैयारी में है। मामले की जांच के लिए एलडीए वीसी ने एक टीम बनाई है। चार सदस्यीय टीम में मुख्य नगर नियोजन अधिकारी, एक्सईएन अजय गोयल,उप सचिव अतुल कुष्ण सिंह और उप सचिव माधवेश कुमार शामिल हैं। यह टीम इमारत गिरने के वजहों की जांच कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देगी। यह रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
पास की इमारत में भी आई दरार
ट्रांसपोर्टनगर में गिरी इमारत के पास दूसरी बिल्डिंग में मंगलवार सुबह करीब 11:20 बजे कई दरारें दिखने से अफरा-तफरी मच गई। प्लॉट नंबर सी-56 पर बनी इमारत में एटीएम वैन से जुड़ा काम होता है। यहां 40 से 50 लोग काम करते हैं। इमारत में दरार की सूचना पर पहुंचे एलडीए अफसरों ने कंपनी संचालक ईशु पाल सिंह को इमारत खाली करने के निर्देश दिए। टीम ने इमारत की जांच पड़ताल करने के साथ इसके मालिक से नक्शा भी मांगा है। साथ ही, खंभे, सरिये, स्लैब के साथ निर्माण सामग्री पर भी जांच टीम की नजर रही।
टीम ने दो पिलर के बीच की दूरी चेक की। सभी पिलर की लंबाई और चौड़ाई भी चेक की। इस दौरान पिलर पर लगा प्लास्टर हटाया गया। फिर चौड़ाई नापी गई, ताकि यह पता चले कि मानक के हिसाब से कितना काम हुआ था। आशंका है कि पिलर में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ था। टीम ने मलबे में गिरे पिलर में यह भी देखा कि इनकी मजबूती के लिए कितनी सरिया लगी थी। सरिया की क्वॉलिटी और मोटाई भी चेक की। टीम ने यह जानने का प्रयास किया कि इमारत की ऊंचाई और रकबा कितना था, लेकिन मौके पर सही जानकारी नहीं मिली। नक्शे के आधार पर कयास लगाया गया। इमारत की स्लैब में इस्तेमाल सरिये की जांच की। देखा कि किस कंपनी की सरिया इस्तेमाल हुई और इसकी मोटाई कितनी है। टीम ने एक पिलर जांच के लिए भेजा है। इसमें यह देखा जाएगा कि इमारत के हिसाब से यह कितना मजबूत था। टीम ने इमारत के सील हिस्से की भी जांच की। यह हिस्सा हादसे के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया था। टीम ने इस हिस्से से भी कई सैंपल लिए। इसकी जांच के जरिए मजबूती का पता लगाया जाएगा। मौके से सैंपल लिया गया है। डिजाइन का एक खाका तैयार किया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही बिल्डिंग गिरने की वजह साफ हो पाएगी।
हादसे के बाद अवैध इमारतों पर कार्रवाई तेज
ट्रांसपोर्टनगर में तीन मंजिला इमारत गिरने के बाद एलडीए ने अवैध इमारतों पर कार्रवाई तेज कर दी है। एलडीए की प्रवर्तन टीम ने मंगलवार को बीकेटी के भैंसामऊ में करीब 8 बीघे में हो रही अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त करवाई। इसके साथ गोमतीनगर और चिनहट में नौ अवैध कमर्शल इमारतें सील कर दीं। भैंसामऊ में आरआर कॉलेज के सामने मोहम्मद अख्तर, मोनू सिंह समेत कई लोग मिलकर आठ बीघे में अवैध रूप से प्लॉटिंग कर अनियोजित कॉलोनी बना रहे थे। प्रवर्तन जोन-5 के जोनल अफसर रवि नंदन सिंह ने बताया कि एलडीए से इसका लेआउट पास नहीं था। ऐसे में विहित न्यायालय के आदेश पर जेई सुरेंद्र द्विवेदी, शिव कुंवर व सरोज कुमार की टीम ने पुलिस बल के साथ अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त करवा दी।
एलडीए टीम चिनहट में सतरिख रोड स्थित हंस विहार कॉलोनी में अनवर अंसारी, आनंद विहार कालोनी में पीएन दुबे, गोमतीनगर विस्तार सेक्टर-4 में हरिराम, सेक्टर-5 में सियाराम जायसवाल एवं अर्चना पांडेय, विशाल खंड में राजन गुप्ता, एमबी सिंह एवं मीना गुप्ता और विनय खंड में आलोक श्रीवास्तव के अवैध कमर्शल निर्माण भी सील किए। प्रवर्तन जोन-1 के जोनल अफसर देवांश त्रिवेदी ने बताया कि जेई संजय भाटी, आशीष श्रीवास्तव एवं एसके दीक्षित ने पुलिस टीम की मदद से यह कार्रवाई की।

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