कानपुर में नहीं बढ़ेगी जमीन की रेट, सर्किल रेट को लेकर जिला प्रशासन ने ले लिया बड़ा फैसला

The rate of land will not increase in Kanpur, the district administration has taken a big decision regarding the circle rate

कानपुर/उत्तर प्रदेश। कानपुर में जमीन की दर में किए गए बदलावों को वापस ले लिया गया है। 2 सितंबर को जिन बदलाव को लागू किया गया था, उन पर भारी विरोध शुरू हो गया था। वकीलों के विरोध के बाद जिला प्रशासन ने 2 सितंबर को जारी फैसलों को वापस ले लिया। साथ ही, अब प्रशासन के फैसले ने लोगों को बड़ी राहत दी है। जिला प्रशासन के इस फैसले से उद्यमियों, फ्लैट मालिकों और किसानों को बड़ी राहत मिल जाएगी। दरअसल, जिला प्रशासन में सर्किल रेट बढ़ने के साथ ही कुछ ऐसे निर्देश भी दिए थे, जो लोगों पर बड़ा बोझ बनकर दिख रहे थे। वकीलों ने इसका विरोध शुरू कर दिया।वकीलों के विरोध के कारण पिछले पांच दिनों से कानपुर में रजिस्ट्री बिल्कुल ठप है। प्रशासन को इससे भारी राजस्व का नुकसान हो रहा था। प्रशासन ने 2 सितंबर को जारी फैसलों को वापस लेते हुए 13 सितंबर तक सर्किल रेट के संबंध में जिले भर से आपत्तियां मांगे हैं। 14 सितंबर को इलाका के आधार पर रेट के अलावा बढ़ाई गई दरों में बदली व्यवस्था को लागू किया जाएगा। तत्काल व्यवस्था में किए गए बदलावों को एनआईसी की वेबसाइट पर अपडेट कर दिया गया है।
फ्लैट खरीदारों को दी गई सुविधा
फ्लैट के बगल में अगर कोई व्यावसायिक प्रतिष्ठान होगा तो इससे जमीन के प्रकार पर बदलाव नहीं होगा और लोगों को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। दरअसल, 2 सितंबर को बदली गई व्यवस्था में फ्लैट के मूल्यांकन में पूरे भूखंड की वैल्यू को भी शामिल कर लिया गया था। इससे फ्लैट की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हो गई थी। अब भूखंड का अनुपातिक मूल्य, फ्लैट की निर्माण दर और कॉमन फैसिलिटी 18 फीसदी लिया जाएगा। इसी तरह अगर फ्लाइट के बगल में व्यावसायिक गतिविधि हो रही है तो कोई अतिरिक्त पैसा नहीं लिया जाएगा।
किसानों को भी दी गई राहत
जिला प्रशासन ने किसानों को भी राहत दे दी है। 2 सितंबर के फैसले ने किसानों को बड़े झटके दिए थे। अब उन्हें वापस ले लिया गया है। अब नगरीय और अर्द्धनगरीय क्षेत्र में 10 विस्वा तक खेती की जमीन खरीद पर आवासीय दर ही लगेगी। 10 से 20 विस्वा तक 60 फिसदी अतिरिक्त कृषि दर और 20 विस्वा से अधिक जमीन होने पर पूरी जमीन पर सामान्य कृषि की दर से राशि का भुगतान करना पड़ेगा। इससे पहले 10 विस्वा तक आवासीय, 10 से 15 विस्वा तक खरीद पर 70 फीसदी अतिरिक्त और 15 से 20 विस्वा की खरीद पर 50 फीसदी तक कृषि दर के रेट चुकाना का प्रावधान किया गया था।
सटी खेती की जमीन पर स्लैब में बदलाव
कानपुर में सटी खेती की जमीन पर भी स्लैब में बदलाव कर दिया गया है। अभी तक आबादी से सटी खेती की जमीन को लेकर तीन स्लैब जारी किए गए थे। इसमें आबादी से सटी पर 60 फीसदी अतिरिक्त, सटी के अलावा 50 मीटर अंतर तक 50 फीसदी और सटी के अलावा 200 मीटर तक 50 फीसदी अतिरिक्त कृषि दर चुकानी पड़ती थी। अब केवल दो स्लैब रखे गए हैं। आबादी से सटी खेती की जमीन पर 60 फीसदी अतिरिक्त कृषि दर और 200 मीटर के अंदर 50 फीसदी की अतिरिक्त दर चुकानी होगी।
इसी तरह से अभी तक अगर आपकी खेती में मेड़ मिलान, सहखातेदार और संपूर्ण रकबा तो कोई छूट नहीं मिलती थी। अब ग्रामीण क्षेत्रों में केवल 60 फीसदी की अतिरिक्त दर देकर ऐसीजमीन खरीदी जा सकेगी। वहीं, बिल्हौर तहसील के तीन गांव हृदयपुर, मकनपुर और रौगांव को अर्द्धनगरीय क्षेत्र में शामिल कर लिया गया था। इन गांवों में विकास अभी तक नहीं हो पाया है। ऐसे में तीनों गांवों को फिर से ग्रामीण क्षेत्रों में वापस कर दिया गया है।
उद्यमियों मिलेगी पूरी छूट
जिला प्रशासन के अधिकारियों ने नए उद्योग लगाने वालों को भी तगड़ा झटका दे दिया था। 1200 वर्गमीटर से अधिक की औद्योगिक जमीन खरीदने वाले उद्योगों को मिलने वाली पूरी संपत्ति पर 40 फीसदी छूट को खत्म कर दिया गया था। 1200 मीटर तक सामान्य आवासीय भुगतान करना था। उससे ज्यादा पर छूट दिए जाने का प्रावधान था। अब किए गए बदलाव में 1200 वर्ग मीटर तक पहले की तरह आवासीय दर लगेगी। अगर 1200 वर्ग मीटर से ज्यादा की जमीन खरीदी जाती है तो पूरी खरीद पर 40 फीसदी छूट दी जाएगी।
सर्किल रेट में राहत के मामले में एडीएम फाइनांस राजेश कुमार ने कहा कि नए सर्किल रेट की दरों में असुविधा को देखते हुए कई प्रावधानों और दरों में संशोधन किया जा रहा है। 13 सितंबर तक सामान्य निर्देश की मदों के लिए आपत्तियां मांगी गई है। आपत्तियों का समाधान करने के बाद उनको लागू किया जाएगा। वहीं, रजिस्ट्री के वकील विवेक गुप्ता ने कहा कि हर क्षेत्र का सर्किल रेट बढ़ाने के साथ ही मनमाने तरीके से सामान्य निर्देशों की मदों को बढ़ा दिया गया। इससे किसान, उद्यमी और फ्लैट मालिक समेत सबको झटका दिया गया है। इसमें बदलाव होना चाहिए।

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