बंटी-बबली से भी खतरनाक हैं बिहार के ये लुटेरे, फोटोग्राफर तक को नहीं छोड़ा
These robbers of Bihar are more dangerous than Bunty-Babli, they did not even spare the photographer

मुजफ्फरपुर/बिहार। पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो शादी की सालगिरह पर फोटोग्राफी का झांसा देकर लोगों को लूटते थे। यह घटना मुजफ्फरपुर के साहेबगंज थाना क्षेत्र की है। गिरोह के सदस्य फोटोग्राफरों को शादी की सालगिरह की फर्जी बुकिंग के बहाने बुलाते थे और फिर उनके कीमती कैमरे, ड्रोन और पैसे लूट लेते थे। मामला 7 अगस्त का है जब छोटू कुमार नाम के एक व्यक्ति ने आकाश कुमार गुप्ता नाम के फोटोग्राफर को शादी की सालगिरह की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के लिए बुक किया। आकाश पूर्वी चंपारण जिले के मधुबन थाना क्षेत्र के गढ़िया गांव का रहने वाला है। 9 अगस्त को, आकाश अपनी टीम के साथ साहेबगंज पहुंचा।
वहां पहले से मौजूद छोटू और उसके साथियों ने आकाश और उसकी टीम के साथ मारपीट की और उनका कैमरा, ड्रोन, मोबाइल और पैसे लूट लिए। पीड़ित फोटोग्राफर आकाश कुमार गुप्ता ने बताया कि छोटू कुमार ने मुझे 7 अगस्त को शादी की सालगिरह की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के लिए बुक किया था। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। मुजफ्फरपुर के एसएसपी राकेश कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए, सरैया के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस ने तकनीकी जांच और मानव खुफिया जानकारी के आधार पर मामले को सुलझाया और एक महीने के अंदर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
मुजफ्फरपुर के सिटी एसपी अवधेश दीक्षित ने बताया कि पुलिस ने चकिया थाना क्षेत्र के गणेश सिरसिया गांव से मुख्य आरोपी छोटू कुमार को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर अमन कुमार सिंह, रजनीश कुमार, और आकाश उर्फ सत्यम कुमार को भी चकिया से गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, गिरोह के एक अन्य सदस्य रोहित कुमार को पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के मिर्जईया गांव से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से लूट का सारा सामान बरामद कर लिया है, जिसमें एक वीडियोग्राफी कैमरा, दो फोटोग्राफी कैमरा, एक ड्रोन कैमरा और दो मोबाइल फोन शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह पहले भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दे चुका है। वे शादी या अन्य समारोहों में फोटोग्राफी के बहाने लोगों को बुलाते थे और फिर उनके साथ लूटपाट करते थे। बाद में वे लूटे हुए कैमरों को कम दामों पर बेच देते थे। पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों का आपराधिक इतिहास है और वे पहले भी इसी तरह के मामलों में शामिल रहे हैं। पुलिस आगे की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या गिरोह ने और भी वारदातों को अंजाम दिया है।




