आजमगढ़ पहुंचे सीएम योगी के सामने जनप्रतिनिधियों ने खोल दी अफसरों की कलई

आजमगढ़/उत्तर प्रदेश। पूर्व प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार सीएम योगी आदित्यनाथ सोमवार को पुलिस लाइन पहुंचे। अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। वहीं मऊ और बलिया के अधिकारी ऑनलाइन बैठक जुड़े थे। सीएम ने विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की अधिकारियों के साथ समीक्षा की। इस दौरान मेहनगर की गौशाला कांड पर सीएम योगी ने अधिकारियों की क्लास लगाई। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि अधिकारी बात नहीं सुनते हैं। इस पर सीएम योगी ने डीएम विशाल भारद्वाज को सख्त निर्देश दिए।
बता दे की मेहनगर में 9 जुलाई को पांच गायों की मौत के मामले पर सीएम ने जांच और कार्रवाई रिपोर्ट देखी। इसके अलावा, जिले में तहसीलों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अधिकारियों को फटकार लगाई। पूरा कलेक्ट्रेट पुलिस छावनी में तब्दील रहा। बैठक में शामिल जनप्रतिनिधियों ने कहा कि अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं और समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है। अधिकारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा किए जाने को लेकर भाजपा के एमएलसी रामसूरत राजभर ने कुछ मामलों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराया और कहा कि छोटे-छोटे मामले भी तहसील और थाने पर नहीं सुने जाते हैं।
डीएम-एसपी को लगाई फटकार
उन्होंने कहा, जब हम इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से करते हैं तो वहां भी सुनवाई नहीं होती। उच्च अधिकारियों के फोन नहीं उठाते। हद तो यह हो जाती है कि उच्च न्यायालय के निर्देशों का भी पालन अधिकारी नहीं कर रहे हैं। एमएलसी रामसूरत राजभर की शिकायत को सुनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक के दौरान डीएम समेत एसपी को कड़ी फटकार लगाई और कहा कि इस तरीके की शिकायत फिर नहीं आनी चाहिए।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए एमएलसी रामसूरत राजभर ने कहा की 2024 में उत्तर प्रदेश में बीजेपी की हार का बड़ा कारण मनमाने अधिकारी थे। अब भी अगर सुधार नहीं हुआ तो 2027 के चुनाव में बीजेपी को नुकसान उठाना पड़ सकता है। बैठक के बाद जानकारी देते हुए ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने विकास कार्यों के साथ ही कानून व्यवस्था की समीक्षा की है। बताया की किसानों के लिए राहत भरी खबर है कि अब उन्हें 16 घंटे बिजली मिलेगी, पहले 10 घंटे मिलती थी।




