घर चलाने के लिए पिता पढ़ाते हैं ट्यूशन, बेटा बना बिहार का टॉपर

पूर्णिया/बिहार। बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट जारी हो गया है। जिसमें पूर्णिया के छात्र शिवांकर ने पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। शिवांकर के पिता संजय विश्वास एक निजी स्कूलों में शिक्षक का काम करते हैं और ट्यूशन पढ़ाने का काम करते हैं। शिवांकर ने बताया कि उन्हें भरोसा नहीं था कि वो बिहार बोर्ड की परीक्षा में पूरे बिहार में प्रथम आएंगे लेकिन इतना जरूर था कि कुछ अच्छा रिजल्ट आएगा ।
शिवांकर ने कहा कि वो एनडीए में जाना चाहते हैं और देश की सेवा में जाना उनका जुनून है। पूर्णिया के सरकारी जिला स्कूल में पढ़े-लिखे शिवांकर चार भाई बहनों में सबसे छोटे हैं। शिवांकर के पिता ने बताया कि मेरा बेटा पढ़ने में मेघावी है दिन-रात मेहनत करता था और उसे उम्मीद थी कि अच्छा करेगा। शिवांकर के शिक्षक ने बताया कि वो हमेशा विद्यालय सहित अन्य परीक्षाओं में प्रथम आता था और कुछ अच्छा करने के लिए दिन-रात मेहनत करता था। वहीं शिवांकर की बहन ने कहा कि शिवांकर की सफलता पर न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे सूबे के लोग गौरवान्वित है और दूर-दूर से उन्हें शुभकामना के फोन आ रहे हैं।
दूसरी तरफ मैट्रिक परीक्षा में दूसरा स्थान प्राप्त करने वाले आदर्श कुमार ने समस्तीपुर के मवाजिदपुर स्थित हाई स्कूल से पढ़ाई की। आदर्श को 477 अंक मिले हैं। उन्हें पूरे राज्य में दूसरा स्थान मिला। आदर्श के पिता रामनाथ महतो दिल्ली में मजदूरी करते हैं और मां घर पर ही सिलाई मशीन चलाकर गांव के लोगों के कपड़े की सिलाई करती हैं। इसी से इनका परिवार चलता है। बेटे ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में सफलता हासिल कर माता-पिता का कर्ज उतारा है।




