अपहरण के केस में दस्यु सुंदरी सीमा परिहार सहित चारों दोषियों को चार वर्ष की सजा

कानपुर/उत्तर प्रदेश। बेहमई कांड का फैसला आने के बाद दस्यु सुंदरी सीमा परिहार की भी मुसीबतें बढ़ गईं हैं। 30 वर्ष पहले एक किसान के अपहरण और फिरौती के मामले में कोर्ट ने सीमा परिहार, छोटे सिंह, रामकिशन और अनिरुद्ध को दोषी ठहराया है। सीमा परिहार समेत चारों दोषी लालाराम गिरोह के सदस्य रहे हैं। कोर्ट ने दस्यु सुंदरी सीमा परिहार समेत चारों दोषियों को चार साल कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही पांच-पांच हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित गढ़िया बक्सीराम गांव निवासी किसान प्रमोद का 30 साल पहले अपहरण हो गया था। जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा ने बताया कि 19 मार्च 1994 को किसान का अपहरण हुआ था। गढ़िया बक्सीराम निवासी श्रीकृष्ण त्रिपाठी ने सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका छोटा भाई प्रमोद ट्यूबवेल पर लेटा था। देर रात लगभग 12:30 बजे 10 से 15 हथियारबंद बदमाश दरवाजा खुलवाकर उठाकर ले गए थे। इसके बाद जानकारी हुई थी कि यह काम लालाराम गिरोह के डकैतों ने किया था। इसमें सीमा परिहार समेत कई नाम सामने आए थे।
पीड़ित परिवार को 30 साल बाद मिला न्याय
पीड़ित किसान किसी तरह से छूटकर घर आया तो पुलिस ने उसके बयानों के आधार पर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। जब 1997 में औरैया जिला बना तो मुकदमा इटावा से औरैया ट्रांसफर हो गया। इसके बाद गिरोह के सरगना लालाराम की मौत हो गई, इसके साथ ही सीमा परिहार को भी जमानत मिल गई। इस मामले का लगातार ट्रायल चल रहा था। किसान के परिवार की तरफ से भी पैरवी की गई। पीड़ित परिवार को न्याय पाने में 30 साल का समय लग गया।
कोर्ट के फैसले पर जताई खुशी
किसान अपहरण-फिरौती मामले में विशेष न्यायधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम सुनील कुमार सिंह ने बीते मंगलवार को चारों आरोपियों को दोषी करार कर दे दिया था। पुलिस कास्टडी में चारों को इटावा जेल भेजनें के आदेश दिए थे। बुधवार को एंटी डकैती कोर्ट ने सीमा परिहार और उनके तीन साथियों को चार साल की सजा सुनाई है। पीड़ित किसान के परिवार ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। लेकिन फैसला आने में 30 साल का समय लगने में नाराजगी भी जाहिर की है।
सीमा परिहार ने साल 2000 में डकैतों के गिरोह को छोड़ दिया था। इसके बाद उन्होंने अपने जीवन पर बनी फिल्म पर खुद रोल अदा किया। इसके साथ ही टीवी शो बिगबॉस सीजन 4 की प्रतिभागी भी रही हैं। फिलहाल सीमा परिहार अब शांति का जीवन जी रहीं थीं, उन्होंने राजनीति में भी हाथ आजमाया, लेकिन उन्हें राजनीति रास नहीं आई।

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