मुंबई से नवी मुंबई की दूरी होगी कम, समुद्र पर बन रहे देश के सबसे लंबे ब्रिज पर जल्द दौड़ेंगे वाहन

मुंबई ब्यूरो। मुंबई से नवी मुंबई की दूरी कम करने वाले शिवडी-न्हावासेवा ट्रांस हार्बर लिंक प्रोजेक्ट (एमटीएचएल) के द्वार जल्द ही खुल जाएंगे। समुद्र पर बन रहे देश के इस सबसे लंबे ब्रिज पर वाहनों की आवाजाही शुरू करने से पहले प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने में जुट गया है। इसके लिए मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ब्रिज पर आपात स्थिति में जख्मियों को अस्पताल पहुंचाने या आग बुझाने के लिए फायर फाइटिंग ऐंड रेस्क्यू व्हीकल और एम्बुलेंस मुहैया करवाने का काम करेगा। 22 किमी लंबे ब्रिज का निर्माण कार्य 98 फीसदी से अधिक हो चुका है।
एमटीएचएल पर करीब 100 किमी की स्पीड से वाहन चलाने की अनुमति होगी। एमएमआरडीए को इस ब्रिज से रोजाना करीब 1 लाख वाहनों के गुजरने की उम्मीद है। इतनी बड़ी संख्या में वाहनों को देखते हुए एमएमआरडीए ने ब्रिज पर 3 फायर फाइटिंग ऐंड रेस्क्यू व्हीकल और 2 एम्बुलेंस तैनात करने का फैसला लिया है। बता दें कि 22 किमी लंबे इस ब्रिज का 16 किमी एरिया समुद्र के ऊपर है। ब्रिज का बड़ा हिस्सा समुद्र के ऊपर होने के कारण आपातकालीन मदद का विशेष रूप से खयाल रखा गया है। एमएमआरडीए ने जरूरत पड़ने पर ब्रिज पर ही तत्काल मदद पहुंचाने की योजना बनाई है।
एक से डेढ़ महीने में पूरा हो जाएगा प्रोजेक्ट
ब्रिज का ज्यादातर काम पूरा हो चुका है। इस समय में इलेक्ट्रिक पोल, टोल नाका, एडमिन बिल्डिंग के निर्माण समेत अन्य कई छोटे काम चल रहे हैं। एमएमआरडीए के एक अधिकारी के अनुसार आगामी एक से डेढ़ महीने में काम पूरा होने की उम्मीद है। करीब 98 प्रतिशत तक ब्रिज का काम हो चुका है।
एक करोड़ लीटर ईंधन की होगी बचत
एमटीएचएल के खुल जाने से मुंबई से नवी मुंबई 20 से 25 मिनट में पहुंचना संभव हो जाएगा। दो शहरों के बीच दूरी घटने से हर साल करीब 1 करोड़ लीटर ईंधन की बचत हो सकती है। इसके अलावा ट्रैफिक से निजात मिलने की उम्मीद है। इतना ही नहीं, इससे प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी।




