बिहार के मां दुर्गा मंदिर में लगती है पंचायती अदालत, कोर्ट वाली माई करती हैं न्याय

छपरा/बिहार। छपरा में मां दुर्गा का एक ऐसा मंदिर है, जहां भक्त न्याय मांगने के लिए पहुंचते हैं। कहा जाता है कि यहां माता का कोर्ट चलता है, लिहाजा भक्त दूर-दूर से न्याय मांगने के लिए पहुंचते हैं। इस मंदिर का नाम भी है कोर्ट देवी का मंदिर। इस मंदिर में एक ऐतिहासिक कुआं भी है, जिसका पानी पीने से घेघा रोग ठीक हो जाता है। कहा जाता है कि जो भी यहां सचे मन से मां से कुछ मांगता है तो कोर्ट वाली माई उनकी मुराद पूरी कर देती हैं।
मंदिर के पुजारी रंजीत पांडे ने बताया कि उनके साथ एक ऐसी घटना हुई थी, जब उनका काफी पैसा फंस गया था। तब उनके पास कोई और रास्ता बचा तो वे मां के दरबार में पहुंच गए। उन्होंने बताया कि रात एक बजे उन्होंने माता के दरबार में माता-पिता के साथ न्याय की मांगा की। अगले ही दिन उनको न्याय मिल गया। उनका पूरा पैसा वापस मिल गया तब से नवरात्र हो या फिर कोई और दिन, मां के कोर्ट में हाजिरी जरूर लगते हैं। उन्होंने कहा कि उनके जैसे सैकड़ों लोग हैं, जिनके साथ माता ने न्याय किया है।
राजाओं के जमाने में लगता था कोर्ट
मंदिर के ट्रस्टी सदस्यों में से एक नागेंद्र पांडे का कहना एक लगभग ढाई सौ साल पहले इस मंदिर के पास खुदाई की गई थी, जिसमें एक शीला मिला था। शीला पर माता की प्रतिमा जैसी आकृति थी। इस मंदिर के पास ही त्रिभुनानंद उपाध्याय का स्टेट चलता था, जहां न्यायालय भी लगता था। उसी जगह माता की स्थापना की गई है, जिस कारण इसका नाम कोर्ट देवी का मंदिर पड़ा। अब यहां माता खुद न्याय करती है।
माता के सातों बहन का अलग मंदिर
माता के सातों बहन का अलग से एक मंदिर है, जिसकी पूजा लोग करते हैं। साथ ही यहां एक कुआं है, जिसका पानी पीने दूर-दूर से लोग आते हैं। मान्यता है कि इस कुएं का पानी पीने से घेघा रोग ठीक हो जाता है। यह मंदिर छपरा के भगवान बाजार थाना इलाके में स्थित है।



