गुजरात में रथ यात्रा के लिए रोक दिया पत्नी का अंतिम संस्कार, सलीम शेख ने पेश की अनूठी मिसाल

अहमदाबाद,(गुजरात)। अहमदाबाद में पिछले 145 सालों से निकल रही रथ यात्रा के सफल क्रियान्यवयन को लेकर शहर पुलिस महीनों मेहनत और मशक्कत करती है। शहर में 146 वीं रथ यात्रा बेहद शांतिपूर्ण और पूरे उत्साह के निकली। रथ यात्रा में सभी धर्म के लोगों का सहयोग दिखाई दिया, लेकिन अहमदाबाद के शाहपुर इलाके में रहने वाले सलीम शेख ने रथ यात्रा के बड़े मौके पर अनूठी मिसाल पेश की। इसकी न सिर्फ तारीफ हो रही है बल्कि अहमदाबाद पुलिस ने सलीम शेख को बुलाकर उनके सहयोग के लिए सम्मानित किया है।
मुश्किल घड़ी में दिखाया धैर्य
अहमदाबाद के शाहपुर इलाके में रहने वाले सलीम शेख की पत्नी ने रथ यात्रा वाले दिन अंतिम सांसें ली। सलीम शेख जिस स्थान पर रहते हैं। वहां से रथ यात्रा निकलने वाली थी। सलीम शेख पत्नी के निधन के बाद सीधे पुलिस के पहुंचे और पूरी बात पुलिस को बताई। उन्होंने कहा कि पत्नी के शव को घर और फिर घर से कब्रिस्तान ले जाना है। रथ यात्रा के बंदोबस्त के बीच पुलिस ने रास्ता बनाकर शेख की पत्नी के शव को उनके शाहपुर स्थित घर पहुंचाया। पुलिस ने सलीम शेख से पूछा कि आप दफनाने के लिए कब ले जाएंगे? इस पर सलीम शेख ने कहा कि आज रथयात्रा का पर्व है। ऐसे में जब रथयात्रा घर के आगे से गुजर जाएगी। उसके बाद ही दफ़नाएंगे।
रोका पत्नी की अंतिम संस्कार
पुलिस के साथ किए वादे के अनुसार सलीम शेख ने यही किया। अहमदाबाद के जमालपुर मंदिर से निकली भगवान जगन्नाथ की यात्रा जब तक उनके दरवाजे के सामने से नहीं निकल गई तब तक उन्होंने अपनी पत्नी के पार्थिव शरीर के घर पर रखा और जब यात्रा गुजर गई। इसके बाद वह पत्नी को दफनाने के लिए परिवार और करीबी लोगों के साथ कब्रिस्तान के लिए रवाना हुए। रथ यात्रा के संवेदनशील मौके पर भाईचारे की मिसाल कायम करने वाले सलीम शेख को अहमदाबाद पुलिस ने सम्मानित किया। अहमदाबाद पुलिस आयुक्त प्रेमवीर सिंह भी इस मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने सलीम शेख के जज्बे और सहयोग की तारीफ की।




